Fraud: रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.50 लाख रुपए की ठगी

वर्क वीजा का वादा कर टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजने, विदेश में फंसाने और रकम लौटाने से इनकार करने का आरोप

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हनुमानगढ़। रूस में वर्क वीजा लगवाकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.50 लाख रुपए की कथित ठगी करने के मामले में टाउन थाना पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कर्मजीत सिंह पुत्र रतनलाल निवासी वार्ड नंबर 36, सोरगर मोहल्ला, टाउन की ओर से प्रस्तुत इस्तगासे के आधार पर की गई। Hanumangarh News

परिवादी ने बताया कि वह रूस में नौकरी करने के उद्देश्य से वर्क वीजा बनवाना चाहता था। उसके भाई मनजीत सिंह के साढ़ू जसपाल पुत्र देशराज सोरगर निवासी कलेरा तहसील जगरांव जिला लुधियाना (पंजाब) ने उसकी मुलाकात देवेन्द्र उर्फ सोढी पुत्र किशन निवासी कोकरी कलां, जिला मोगा (पंजाब) से करवाई और बताया कि वह विदेशों के वीजा लगवाने का काम करता है तथा कई लोगों को विदेश भेज चुका है।

जुलाई 2025 में देवेन्द्र हनुमानगढ़ स्थित परिवादी के घर आया, शैक्षणिक दस्तावेज और पासपोर्ट देखने के बाद रूस का वर्क वीजा लगवाने का भरोसा दिया। बाद में 21 जुलाई 2025 को परिवादी जलंधर स्थित कार्यालय पहुंचा, जहां उसके दस्तावेज स्कैन किए गए, पासपोर्ट अपने पास रख लिया गया तथा कई खाली कागजों और फार्मांे पर हस्ताक्षर करवाए गए। Hanumangarh News

इस्तगासे के अनुसार, 5 अगस्त 2025 को परिवादी ने अपने भाई मनजीत सिंह के माध्यम से आरोपी की ओर से बताए गए बैंक खाते में 2 लाख 30 हजार रुपए भेजे। इसके बाद देवेन्द्र अगस्त 2025 में हनुमानगढ़ आकर परिवादी के घर से 20 हजार रुपए नकद भी ले गया। इस प्रकार कुल 2 लाख 50 हजार रुपए वर्क वीजा और नौकरी दिलाने के नाम पर लिए गए।

परिवादी का आरोप है कि सितंबर 2025 में देवेन्द्र ने व्हाट्सएप पर रूस का वीजा भेजा, जिसे देखने पर वह टूरिस्ट वीजा निकला। पूछने पर आरोपी ने कहा कि पहली बार वर्क वीजा नहीं मिलता, इसलिए पहले टूरिस्ट वीजा पर भेजा जाएगा और बाद में उसे वर्क वीजा में परिवर्तित करा दिया जाएगा। शिकायत के अनुसार, 25 अगस्त 2025 को जयपुर एयरपोर्ट बुलाया गया, लेकिन वहां टिकट रद्द होने की बात कहकर दिल्ली भेज दिया गया। बाद में 31 अगस्त 2025 को अमृतसर से दुबई भेजा गया, जहां दो दिन के बजाय करीब 12 दिन रुकना पड़ा। इसके बाद नोवोसिबिरस्क (रूस) और फिर मॉस्को भेजा गया, लेकिन वहां न तो कोई लेने आया और न ही नौकरी दिलाई गई।

आखिरकार परिवादी 26 सितंबर 2025 को अपने खर्चे पर भारत लौट आया। परिवादी ने आरोप लगाया कि दुबई में रहने पर करीब 40 हजार रुपए, रूस में 50 हजार रुपए तथा भारत वापसी के हवाई टिकट पर करीब 40 हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च स्वयं वहन करना पड़ा। भारत लौटने के बाद पंचायत के माध्यम से आरोपियों से कुल राशि वापस मांगी गई, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान एएसआई कमलजीत सिंह को सौंपा गया है। Hanumangarh News

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