महंगाई, श्रम कानून और निजीकरण के खिलाफ हुंकार

29 जुलाई को दिल्ली में आंदोलन का ऐलान, हनुमानगढ़ में भी बड़े संघर्ष की चेतावनी

Published On

हनुमानगढ़। टाउन स्थित जनशक्ति भवन में शुक्रवार को एफसीआई लेबर एवं पल्लेदार मजदूर यूनियन, शाखा टाउन का 20वां सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में संगठन की रिपोर्ट पर चर्चा के साथ देश के मौजूदा आर्थिक, श्रम और सामाजिक मुद्दों पर बहस हुई। वक्ताओं ने महंगाई, श्रमिक अधिकारों, श्रम कानूनों और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की तथा आगामी 29 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन में भागीदारी का आह्वान किया। Hanumangarh News

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई का सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। इसके साथ ही मजदूरों के रोजगार पर भी संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के घंटे बढ़ाए जा रहे हैं तथा श्रमिकों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि सरकार पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर नए श्रम कानून लेकर आई है, जिनसे मजदूरों के संगठित होने, यूनियन बनाने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की स्वतंत्रता प्रभावित होगी। उनका आरोप था कि सरकार की नीतियां श्रमिक विरोधी हैं और बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं।

सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने हाल के विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए केन्द्र सरकार, भाजपा और आरएसएस की नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों की आवाज दबाई जा रही है। दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया गया। सम्मेलन में इन मुद्दों को लेकर कई प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हनुमानगढ़ में भी व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। साथ ही 29 जुलाई को दिल्ली में आयोजित होने वाले आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होकर संघर्ष का बिगुल बजाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, आत्मासिंह सहित यूनियन के पदाधिकारी एवं श्रमिक मौजूद रहे। Hanumangarh News

About The Author

Related Posts