102 वर्षीय मरीज को अत्याधुनिक आईवीएल तकनीक से मिला नया जीवन

90% ब्लॉकेज, अत्यधिक कैल्शियम की चुनौतीपूर्ण स्थिति का उपचार

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जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। Jaipur Newss: महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों ने 102 वर्षीय मरीज का अत्यंत जटिल हृदय उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। करौली निवासी 102 वर्षीय रूपसिंह गुर्जर को हार्ट अटैक आने के बाद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। जांच में उनकी मुख्य हृदय धमनी में 90 प्रतिशत ब्लॉकेज पाया गया साथ ही धमनियों में अत्यधिक कैल्शियम जमाव तथा रक्त का थक्का भी पाया गया। हृदय की पंपिंग क्षमता घटकर केवल 25 प्रतिशत रह गई थी, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी।

महात्मा गांधी अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रामानंद प्रसाद सिन्हा ने बताया कि मरीज की अधिक आयु और गंभीर स्थिति को देखते हुए इंट्रावैस्कुलर लिथोट्रिप्सी (IVL) तकनीक से उपचार का निर्णय लिया गया। इस तकनीक में शॉक वेव्स के माध्यम से धमनियों में जमे कठोर कैल्शियम को तोड़ा जाता है, जिससे एंजियोप्लास्टी और स्टेंट प्रत्यारोपण सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

उपचार के दौरान अचानक रक्त प्रवाह रुकने जैसी गंभीर चुनौती भी सामने आई। चिकित्सकों ने तत्काल विशेष थ्रोम्बस एस्पिरेशन डिवाइस की सहायता से रक्त का थक्का सफलतापूर्वक निकालकर रक्त प्रवाह पुनः शुरू किया। इसके बाद सफल एंजियोप्लास्टी एवं स्टेंट प्रत्यारोपण किया गया। टीम में डॉ सिन्हा के साथ डॉ विजेन्द्र शर्मा तथा डॉ विवेक पटेल भी शामिल रहे।

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