शिक्षा और रोजगार
नशे के खिलाफ जनआंदोलन की जरूरत, हर थाना बने बदलाव का केंद्र: सीएम
मधुबन पुलिस अकादमी से ड्रग्स मुक्त हरियाणा का शंखनाद, टास्क फोर्स गठन से लेकर सख्त कार्रवाई तक कई बड़े फैसले
घरौंडा/करनाल (सच कहूँ न्यूज़)। Karnal News: हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान का आह्वान करते हुए इसे केवल कानून-व्यवस्था नहीं बल्कि समाज और मानवता को बचाने की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है और परिवारों को तोड़ रहा है, ऐसे में इसे जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाना समय की मांग है। शनिवार को आयोजित ‘एक पुलिस, एक संकल्प- ड्रग्स मुक्त हरियाणा’ कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस, प्रशासन और आमजन को मिलकर निर्णायक लड़ाई लड़ने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा दानवीर कर्ण की पावन धरती करनाल से नशे के खिलाफ नए युद्ध का शंखनाद हो रहा है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम रहेगी। कार्यक्रम में प्रदेशभर के थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ संवाद कर रणनीति बनाई गई, ताकि हरियाणा को पूर्ण रूप से नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिल सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया, जिसमें विदेशों से प्रत्यर्पित अपराधियों और विभाग की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि अब थाना केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज, पंचायत, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से लगातार संवाद करें और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आज नशे का नेटवर्क आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और संगठित अपराध के जरिए तेजी से फैल रहा है। ऐसे में पुलिस को भी तकनीकी रूप से मजबूत और सतर्क बनना होगा।
केवल छोटे तस्करों की गिरफ्तारी से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, संवेदनशीलता और पुनर्वास पर बराबर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जब पुलिस, परिवार, शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक संगठन, मातृशक्ति और युवा मिलकर काम करेंगे, तभी नशा मुक्त हरियाणा का सपना साकार होगा।
हर स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स
राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ व्यापक रणनीति बनाते हुए जिला, उपमंडल, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक नशा मुक्ति टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया है। इस टास्क फोर्स में जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाएं, केमिस्ट एसोसिएशन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने थाना प्रभारियों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि यदि हर एसएचओ अपने क्षेत्र में नशे को खत्म करने का संकल्प ले ले, तो नशा माफिया के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं बचेगी।
पुलिस अधिकारियों की मांगों पर बड़े फैसले
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की मांगों पर कई अहम घोषणाएं कीं-
तफ्तीश हेड के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाएगी, जिससे जांच अधिकारियों को बेहतर संसाधन मिल सकें।
एनडीपीएस मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए अलग पुरस्कार नीति बनाई जाएगी।
ड्यूल पर्पज ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।
ग्रुप-डी कर्मचारियों के बेहतर प्रबंधन के लिए पोर्टल बनाया जाएगा।
पुलिस लाइनों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति और पीएचसी खोलने की योजना बनेगी।
हर जिले में आधुनिक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
गैंगस्टरों के महिमामंडन पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंगस्टरों और अपराधियों के महिमामंडन को रोकने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के साथ बैठक की जाएगी और इसके बाद आवश्यक एडवाइजरी जारी की जाएगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को नशामुक्त बनाने में सफल होगा, उसे सरकार सम्मानित करेगी। इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अभियान को गति मिलेगी।
हरियाणा को नशामुक्त बनाने में सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने हरियाणा पुलिस की सराहना करते हुए बताया कि नए आपराधिक कानून, साइबर अपराध नियंत्रण, सीसीटीएनएस और अपराधियों के प्रत्यर्पण जैसे मामलों में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर काम किया है।
नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच कमर्शियल मात्रा के मामलों में शामिल 3,151 हरियाणा आधारित और 321 अन्य राज्यों से जुड़े तस्करों की पहचान की गई है। वर्ष 2026 में अब तक 14 आदतन तस्करों पर पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि 50 तस्करों की 47 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है और 256 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही वर्ष 2026 में अब तक लगभग 18 हजार किलोग्राम मादक पदार्थ और 43 लाख से अधिक नशीली गोलियां व दवाइयां नष्ट की गई हैं।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और यदि कोई पुलिसकर्मी भी इसमें शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने हरियाणा के प्रयासों की सराहना की है और नेशनल फंड फॉर कंट्रोल ऑफ ड्रग एब्यूज के तहत 55 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर विधायक योगेंद्र राणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, हरियाणा पुलिस अकादमी की निदेशक कला रामचंद्रन, राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के डीजीपी नवदीप सिंह विर्क, करनाल की मेयर रेणुबाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, सांसद प्रतिनिधि कवींद्र राणा, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन एडवोकेट अशोक सिरसी, डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा और एसपी नरेंद्र बिजराणिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।