तीन स्कूलों के बच्चों को ढो रही अवैध बस सीज, परिवहन विभाग ने लगाया 1.41 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना

न टैक्स, न परमिट, न फिटनेस, न एचएसआरपी, स्कूल से अनुबंध भी नहीं, बस मालिक के खिलाफ एफआईआर की तैयारी

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Illegal School Bus seized: हनुमानगढ़। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की ओर से संयुक्त रूप से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन स्कूलों के बच्चों को ले जा रही एक अवैध बस को सीज किया गया है। बस के पास न तो आवश्यक दस्तावेज थे और न ही सुरक्षा संबंधी अनिवार्य मानकों का पालन किया गया था। Hanumangarh News

परिवहन विभाग ने बस पर 1.41 लाख रुपए से अधिक की कार्रवाई करते हुए बस मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। परिवहन विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को औचक जांच के दौरान हरियाणा नंबर एचआर 39 ए 9212 की एक बाल वाहिनी को रोका। जांच में सामने आया कि यह बस तीन अलग-अलग स्कूलों के बच्चों को लेकर जा रही थी, लेकिन इसके पास टैक्स, वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और एचएसआरपी नंबर प्लेट तक नहीं थी।

इतना ही नहीं, बस के पीछे रिफ्लेक्टिव टेप भी नहीं लगी थी, जो सुरक्षा मानकों के तहत अनिवार्य है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर टीम ने बस को तत्काल सीज कर दिया। विभाग ने बस पर 53200 रुपए का टैक्स लगाया, जबकि विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर 88 हजार रुपए का चालान भी किया। इस प्रकार कुल 1 लाख 41200 रुपए की कार्रवाई की गई। साथ ही बस मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। Hanumangarh News

जिला परिवहन अधिकारी नरेश पूनिया ने बताया कि जिले में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चों के परिवहन में केवल नियमानुसार संचालित बाल वाहिनियों का ही उपयोग हो। उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की कि सभी बसें पूर्ण फिटनेस, वैध परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल बस में मेडिकल किट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), हेल्पलाइन नंबर और अन्य आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।

अभिभावकों को किया गुमराह

डीटीओ पूनिया ने बताया कि सीज की गई बस किसी भी स्कूल के नाम पर पंजीकृत नहीं थी और न ही उसका किसी स्कूल से कोई अनुबंध था। बस संचालक स्कूल के बाहर अभिभावकों को यह कहकर गुमराह कर रहा था कि वाहन स्कूल से अधिकृत है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को जिस वाहन से स्कूल भेज रहे हैं, उसकी वैधता और दस्तावेजों की जानकारी अवश्य लें। साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए केवल अधिकृत और सुरक्षित बाल वाहिनियों का ही संचालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। Hanumangarh News

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