मोनिका गोदारा विश्व मानव अधिकार सुरक्षा आयोग द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित

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बिज्जूवाली की बहू मोनिका गोदारा को जिला में पहली डॉक्टरेट की मानद उपाधि लेने वाली महिला का मिला गौरव

गोरीवाला (अनिल)। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की ब्रांड एम्बेसडर एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोनिक गोदारा को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया हैं। उन्हें यह सम्मान विश्व मानव अधिकार सुरक्षा आयोग द्वारा यूनिक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रदान किया गया है। इसी के साथ ही मोनिका गोदारा सरसा जिला में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित होने वाली जिला की पहली महिला बन गई है।

मोनिका गोदारा को उपाधि मिलने पर उनके ससुराल बिज्जूवाली, मायके गाँव कालुआना सहित जिलाभर की महिलाओं में खुशी की लहर है। वहीं सरसा की महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सीमा व अन्य महिला पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी मोनिका गोदारा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

चार विषयों में कर चुकी है मास्टर डिग्री

साल 2005 में अंतरजातीय विवाह करने वाली मोनिका गोदारा को अब तक महिला उत्थान व अन्य सामाजिक कार्य के लिए 70 से अधिक नेशनल व इंटरनेशनल अवॉर्ड मिल चुके है। इसके अलावा वह एमए हिन्दी,एमए सोशल वर्कर, एमए लोक प्रशासन व एमए एजूकेशन सहित चार-चार मास्टर डिग्री कर चुकी है। वहीं 15 से अधिक रिसर्च पेपर लिख चुकी है। वर्तमान में सीडीएलयू की ब्रांड एम्बेसडर,मानवाधिकार एंटी करप्शन की जिलाध्यक्ष व शिक्षा विभाग में रोल मॉडल के रूप में कार्य कर रही है। इसके अलावा महिला उत्थान के लिए अनेक कार्य कर रही है।

सच कहूँ से विशेष बातचीत के दौरान मोनिका गोदारा ने कहा कि विश्व मानव अधिकार सुरक्षा आयोग से यह सम्मान पाकर मुझे बेहद खुशी और गौरव की अनुभूति हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान मुझे और तीव्र गति से सामाजिक कार्यो को करने की प्रेरणा देगा।

 

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