एक तो नोटबंदी ऊपर से 1 साल से नहीं मिली सैलेरी

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  • 65 साइंस लैब सहायक दर-दर भटकने को मजबूर

Chandigarh, Anil Kakkar:  कांट्रैक्ट बेस पर 2013 में भर्ती किए गए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना के 65 साइंस लैब सहायक आज 1 साल से अपनी सैलेरी की प्रतीक्षा में है। हालात ये हैं कि इनके परिवार आर्थिक बदहाली के दौर में से गुजर रहे हैं। बता दें कि साइंस लैब सहायकों का एक दल आज अपनी मांगों को लेकर विभागीय अधिकारियों से मिलने आया जहां उन्होंने बताया कि उनकी भर्ती 2013 में लिखित परीक्षा के आधार पर नैशनल एजुकेशन मिशन के तहत हुई थी। इस योजना में भर्ती के दो वर्ष तक वेतन केंद्र सरकार द्वारा दिया जाना था और 2 वर्ष के बाद वेतन राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी।

उन्होंने बताया कि 2 वर्ष तक वेतन मिलता रहा। परंतु 1 जून 2015 से उन्हें वेतन देना बंद कर दिया गया और जून 2016 में इनकी हाजिरी लगानी बंद कर दी गई। इन लैब सहायकों ने बताया कि उनका पूरा परिवार उनकी नौकरी पर निर्भर है और आज वेतन न मिलने के कारण उनके परिवारों को खाने के भी लाले पड़े हुए हैं।  उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वक्त 782 एसएलए के पद हैं जबकि इनमें से 431 रिक्त पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार उनका वेतन रिलीज करे और उनकी सेवा का विस्तार करे ताकि वे अपने परिवारों को पेट भर सकें। विभागीय अधिकारियों से हुई बातचीत के बारे में उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उन्हें ग्रेड जॉब दे दी जाएगी।

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