चिंटल पैराडिसो सोसायटी के डी-टॉवर को बंद कर गिराने के आदेश

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  • मैजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट के बाद जिलाधीश ने गिराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा
  • आदेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर डी-टॉवर अलाटियों, फ्लैट मालिकों के क्लेम सेटल करने के डिवेलपर को दिए निर्देश

संजय कुमार मेहरा
गुरुग्राम। मेसर्स चिंटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को उसके सेक्टर-109 स्थित (Chintal Paradiso Society) चिंटल पैराडिसो के डी-टावर को स्थाई तौर पर बंद करते हुए टावर को तुरंत प्रभाव से धराशायी यानी गिराने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मैजिस्ट्रेट जांच के बाद जिलाधीश ने ये आदेश दिए हैं। साथ ही कहा है कि डिवेलपर की ओर से आगामी 60 दिनों के भीतर डी-टावर के अलॉटियों, फ्लैट मालिकों के क्लेम सेटल किए जाएं।

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जिलाधीश निशांत कुमार यादव द्वारा जारी आदेशों में मेसर्स चिंटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली को सेक्टर-109 स्थित चिंटल पैराडिसो हाउसिंग कंपलेक्स के फ्लैट मालिकों/ अलॉटियों को आदेशों के जारी होने के 60 दिनों के भीतर उनकी सारी देनदारी व लायबिलिटी आदि के मामलों का निपटारा करने के निर्देश भी दिए हुए हंै। इस कार्य को लेकर डीटीपी इंफोर्समेंट को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनकी देखरेख में यह कार्य किया जाएगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों को कानूनी प्रावधानों के तहत दंडित किया जाएगा।

ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

बता दें कि 18 मंजिला इस टावर में कुल 50 फ्लैट हैं। इस टावर के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने सहित अन्य मापदंडों को भी पूरा नहीं किया गया था। इसी साल 10 फरवरी को सोसाइटी के डी-टावर के छठे फ्लोर से छह फ्लैटों का हिस्सा एकाएक पहली मंजिल तक भरभराकर गिर गया था। जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। निर्माण में बरती गई खामियों को आईआईटी दिल्ली की टीम ने अपनी स्ट्रक्चरल आॅडिट रिपोर्ट में उजागर किया है। आईआईटी की सिफारिश पर इस टावर को गिराने का फैसला लिया गया है।

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