Amritpal Singh: अमृतपाल सिंह की बढ़ी मुश्किलें

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अमृतपाल से एनआईए और आईबी करेगी पूछताछ अमृतपाल को जेल में रखा गया था सख्त पहरा

चंडीगढ़। वारिस पंजाब के संगठन के मुखिया Amritpal Singh की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय एजेंसियां ​​भी सक्रिय हो गई हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियां ​​अमृतपाल सिंह से पूछताछ की तैयारी कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक एजेंसियां ​​अमृतपाल सिंह के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, विदेशी फंडिंग और बब्बर खालसा जैसे खालिस्तानी संगठनों से कनेक्शन की जांच में जुटी हैं। पुलिस ने जांच में दावा किया था कि अमृतपाल सिंह को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी आईएसआई ने दो आतंकी संगठनों को दी थी।

दरअसल, पुलिस ने दावा किया था कि सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सदस्य अवतार सिंह खांडा ने अमृतपाल सिंह की मदद की थी। सूत्रों के मुताबिक एनआईए और रॉ दोनों एजेंसियां ​​अमृतपाल सिंह से पंजाब में पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल और एजेंटों के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती हैं।

वारिस पंजाब के संगठन के मुखिया Amritpal Singh और उसके नौ साथियों को असम की डिब्रूगढ़ जेल में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।

बता दें कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के मुखिया अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने रविवार (23 अप्रैल) को गिरफ्तार किया था। उसे 36 दिनों की तलाश के बाद पंजाब के मोगा जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इस जेल में अमृतपाल के 9 साथी पहले से बंद हैं।

सूत्रों के मुताबिक अमृतपाल को अलग एकांत सेल में रखा गया है। जिस सेल में अमृतपाल को रखा गया है, उसमें अमृतपाल के अलावा कोई और कैदी नहीं है। अमृतपाल के अन्य 9 साथी यहां बंद हैं लेकिन किसी को एक-दूसरे से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उसके बाकी साथियों को भी अलग सेल में रखा जाता है यानी एक कैदी दूसरे कैदी से नहीं मिल सकता।

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