छाहड़ गांव में ओलावृष्टि से भारी तबाही, 800 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों में मायूसी

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पीड़ितों ने पंजाब सरकार से मुआवजे की मांग की

गोबिंदगढ़ जेजियां (सच कहूँ/भीम सेन इन्सां)। Gobindgarh Jejian News: बीते दिनों हुई ओलावृष्टि ने किसानों के खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल को तहस-नहस कर दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के अध्यक्ष जसवंत सिंह रोड़े ने भारी मन से जानकारी दी कि बीते दिन शाम को बारिश और तूफान के साथ छाहड़ गांव में 10 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने लगभग 800 एकड़ गेहूं की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। Sangrur News

उन्होंने बताया कि गांव में कुछ किसानों की 50% और अधिकांश किसानों की 100% फसल नष्ट हो गई। करमजीत सिंह के 22 एकड़, जरनैल सिंह के 20 एकड़, गुरा सिंह के 6 एकड़, बिक्कर सिंह के 4 एकड़, भोला सिंह के 3 एकड़ और मिस्त्री मेवी सिंह के 4 एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। कुछ किसानों की फसल तेज तूफान के कारण जमीन पर बिछ गई। उन्होंने बताया कि एक तरफ बैसाखी के त्योहार की खुशी मनाई जा रही है, लेकिन ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के कारण गांव में चूल्हों में रोटी तक नहीं पक सकी। Sangrur News

उन्होंने कहा कि किसानों ने 80 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन ठेके पर लेकर खेती की थी, लेकिन प्रकृति की मार ने पकी फसल को नष्ट कर भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बताया कि यदि कंबाइन से फसल की कटाई की जाए, तो प्रति एकड़ मात्र 5-7 मन गेहूं ही निकलेगा। एकत्रित किसानों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि उनकी फसलों का गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि हुए नुकसान की भरपाई हो सके। इस अवसर पर गुरविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, गुरतेज सिंह, करमजीत सिंह, गोगी सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान नेता मौजूद थे। Sangrur News

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