Punjab

गांव हररायपुर के 7वें व ब्लॉक महिमा गोनियाना के 48वें शरीरदानी बने नछत्तर सिंह इन्सां 

मरकर भी अमर हो गए नछत्तर सिंह इन्सां 

Sarvesh Kumar Picture
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गोनियाना मंडी (सच कहूँ/जगतार जग्गा)। Mandi Gobindgarh News: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक महिमा गोनियाना के गाँव हररायपुर के एक डेरा श्रद्धालु परिवार ने अपने पारिवारिक सदस्य के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान कर सराहनीय कार्य किया है। इस पार्थिव शरीर पर मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी नई-नई रिसर्च करेंगे और समाज की सेवा करेंगे।

गांव हररायपुर निवासी नछत्तर सिंह इन्सां ने गाँव के 7वें तथा ब्लॉक महिमा गोनियाना के 48वें शरीरदानी होने का गौरव हासिल किया है। जानकारी के अनुसार नछत्तर सिंह इन्सां ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का चलते हुए जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का निर्णय लिया था। उनके इस संकल्प को पूरा करते हुए उनके पुत्र जसविन्द्र सिंह इन्सां तथा अन्य परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च हेतु रोहेलखंड मेडिकल कॉलेज, बरेली (उत्तर प्रदेश) को दान कर दिया।

मृतक के निवास स्थान से परिजनों, रिश्तेदारों, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों, क्षेत्रवासियों तथा बड़ी संख्या में साध-संगत ने ‘शरीरदानी नछत्तर सिंह इन्सां अमर रहे’ और ‘शरीरदान महादान’ के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इससे पहले फूलों से सजी एंबुलेंस को पूरे गाँव में घुमाया गया। इस मौके सच्चे नम्र सेवादार सेवक सिंह इन्सां, बहन सुखजिन्द्र इन्सां, इन्दजीत इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक प्रदीप सिंह इन्सां, गुरमीत सिंह इन्सां, डॉ. गुरचरण सिंह इन्सां सहित गणमान्य जन व साध-संगत उपस्थित रही।

पावन शिक्षा के लिए पूज्य गुरुजी का धन्यवाद: जगजीत बराड़

कांग्रेस नेता तथा प्रियंका गांधी संगठन के पंजाब अध्यक्ष जगजीत सिंह बराड़ ने कहा कि मृत्यु के बाद सभी शरीरों को मिट्टी में मिल जाना होता है। उन्होंने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने श्रद्धालुओं को ऐसी पवित्र शिक्षा दी है कि वे मृत्यु के बाद भी किसी के काम आ सकें। उन्होंने कहा कि वे अनेक बार आम लोगों के दुख-सुख में शामिल हुए हैं, लेकिन आज किया गया यह देहदान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इच्छा जताई कि इसी प्रकार मानवता की मशाल जलती रहे और लोग जीवन में भी तथा मृत्यु के बाद भी समाज के काम आते रहें।

Mandi Gobindgarh News
Mandi Gobindgarh News: मेडिकल कॉलेज के लिए पार्थिव शरीर को रवाना करते परिजन और साध-संगत व शरीरदानी नछत्तर सिंह इन्सां की फाइल फोटो।

 

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