आरटीए कार्यालय में वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट में घोटाला

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संगरूर (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालय संगरूर में एक घोटाले का खुलासा कर आरटीए, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्यालय के दो कर्मचारियों और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। इनमें दो क्लर्क, दो बिचौलिए और निजी एजेंट शामिल है। ब्यूरो के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इस घोटाले में आरटीए संगरूर, एमवीआई, उनके लिपिक कर्मचारी और निजी व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है, जो एक दूसरे के साथ मिलकर राज्य में सक्रिय विभिन्न एजेंटों से रिश्वत लेते थे।

प्रवक्ता ने बताया कि परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार सभी वाणिज्यिक वाहनों को सड़कों पर चलने के लिए आरटीए कार्यालय से फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है और ऐसे सभी वाहनों को उनके दस्तावेजों के साथ एमवीआई द्वारा उनके कार्यालय में भौतिक रूप से निरीक्षण किया जाना है। ये अधिकारी एजेंटों और बिचौलियों की मिलीभगत से वाहन के मॉडल के आधार पर प्रति वाहन 2000 से 3000 रुपये तक की रिश्वत के बदले वाहनों के भौतिक सत्यापन के बिना फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर रहे थे।

क्या है मामला

प्रवक्ता के अनुसार इस मामले में रविंदर सिंह गिल आरटीए, महिंदर पाल के खिलाफ वीबी थाना पटियाला में प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 7 और 7ए दर्ज की गई है। एमवीआई, गुरचरण सिंह क्लर्क, जगसीर सिंह डाटा एंट्री ऑपरेटर, धर्मिंदर पाल उर्फ बंटी और सुखविंदर सुखी दोनों बिचौलिए और अन्य निजी एजेंट हैं। उन्होंने बताया कि हर महीने 35-40 लाख रुपये की रिश्वत की रकम वसूल की गई। आगे की जांच जारी है और इस कार्यालय में पहले से तैनात सभी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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