ठंड से शरीर सुन्न, बस आग ही सहारा

Published On

प्रदेश में भयंकर शीतलहर, जनजीवन को लगी ब्रेक

  • विजीबल्टी कम होने से वाहन चालक दिन में जलाने लगी लाइटें

अबोहर (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)। माचल व जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बर्फबारी से पूरे पंजाब शीत लहर चल रही है। जिस कारण दिनों दिन धुंध बढ़ती जा रही है और कड़ाके की सर्दी व धुंध के कारण जीवन की गति बेहद धीमी हो गई है। घनी धुंध के कारण विजीबल्टी इतनी कम हो गई है कि सड़कों पर मात्र कुछ ही मीटर तक दिखाई देता है जिस कारण वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे छोटे बच्चों को झेलनी पड़ रही है। इसी को देखते हुए पंजाब सरकार ने स्कूलों का समय बढ़ाकर सुबह 10 बजे कर दिया है। जिससे बच्चों को कुछ राहत मिली है लेकिन जब तक बच्चों को स्कूलों में सर्द ऋतु की अवकाश नहीं होती उन्हें इस भयंकर सर्दी का सामना करना पडेÞगा।

सड़कों पर घनी धुंध पसरी होने से दोधियों व अखबार बांटने वालों व अन्य वस्तुओं की सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों को इस भयंकर सर्दी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अनेक लोगों को रास्तें में कुछ पलों के लिए बैठकर आग सेंकने को मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि ठंड इतनी बढ़ गई है कि गर्म वस्त्र पहने होने के बावजूद शीत लहर से पूरा शरीर मानो सुन्न हो जाता है।

वहीं बाजारों में ग्राहकों के कम आने से दुकानदारों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। बेशक दोपहर के समय कुछ घंटों के लिए सूर्य देवता प्रकट होकर कुछ गर्मी प्रदान करते हैं लेकिन सुबह ओर सांयकाल को पड रही भयंकर सर्दी ने लोगों को घरों व दफतरों मे दुबकने को मजबूर कर रखा है। सड़कों पर धुंध से विजीबिल्टी कम होने से वाहन चालकों को दिन के समय में लाईटें जलानी पड़ रही हैं।

प्राइवेट स्कूलों ने बदला समय

पंजाब में सामान्य तापमान 9 डिग्री सेल्सियस है, जहां लोगों का घरों से निकलता मुश्किल हुआ पड़ा है, वहीं ठंड को ध्यान में रखते हुए प्राइवेट स्कूलों ने समय में बदलाव किया है। जहां पहले बच्चे 8 से 9 बजे तक स्कूल जाते थे, वहीं अब बच्चे 10 बजे स्कूल जाएंगे। प्रदेश में बढ़ रही ठंड के चलते अध्यापकों व बच्चों के अभिभावकों ने मांग की थी कि जब सरकारी स्कूलों में समय परिवर्तन कर दिया गया है तो प्राइवेट में भी किया जाए।

 

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts