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Rajasthan News: राजस्थान में किसान आंदोलन का किया गया महाशंखनाद
पीलीबंगा में 19 को विशाल ट्रैक्टर मार्च और 21 को पूर्ण चक्का जाम
Kisan Andolan: पीलीबंगा। गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ उपखंड कार्यालय के समक्ष पिछले पांच दिनों से भीषण गर्मी के बीच किसान अपनी गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ धरने पर बैठे हैं। अन्नदाताओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की इसी बेरुखी और मनमानी के खिलाफ किसान नेताओं ने अब आर पार की जंग का ऐलान कर दिया है। Rajasthan News
किसान नेता मंगेज चौधरी गोपाल बिश्नोई चरणप्रीत बराड़ गगनदीप सिंह सिद्धू कुलदीप चहल और मनीराम मेघवाल ने सीधे शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दे दी है कि यदि प्रशासन द्वारा गेहूं खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी और घोटाला करने वालों पर तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और पोर्टल पर दर्ज किसानों के संपूर्ण गेहूं की खरीद की गारंटी नहीं दी गई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
रणनीति के तहत आने वाली 19 जून को क्षेत्र के हजारों ट्रैक्टरों के साथ पीलीबंगा में एक ऐतिहासिक और विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा इसके बाद भी यदि गूंगे बहरे प्रशासन ने किसानों की सुध नहीं ली और समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला तो 21 जून को पीलीबंगा को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पूर्ण रूप से चक्का जाम कर दिया जाएगा। किसान नेताओं ने साफ किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो रेलवे ट्रैक को भी अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। Rajasthan News
खरीद में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप
किसान नेताओं ने सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत का पर्दाफाश करते हुए आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धांधली की गई है। फर्जी फर्मों के नाम पर कागजों में हजारों बैगों की फर्जी खरीद दिखा दी गई है जबकि पीलीबंगा क्षेत्र में अभी भी लगभग पांच लाख थैले गेहूं तुलने के लिए शेष पड़े हैं। इससे पूर्व बारदाना वितरण में भी भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार हुआ था जिसे स्थानीय अधिकारियों ने खुद वार्ताओं में स्वीकार किया था परंतु इसके बावजूद आज तक किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जो प्रशासन की कार्यशैली को पूरी तरह संदिग्ध बनाता है। Rajasthan News