Rajasthan News: प्रेम बाईसा मौत मामले में आया बड़ा मोड़, एफएसएल रिपोर्ट से हुआ ये बड़ा खुलासा

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Sadhvi Prem Baisa Death Case: जयपुर। साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में राज्य Rajasthan Forensic Science Laboratory (एफएसएल) ने अपनी विसरा जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शरीर में किसी भी प्रकार के विषैले या जहरीले तत्व के प्रमाण नहीं मिले हैं। इस निष्कर्ष के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। Rajasthan News

प्रारंभिक स्तर पर विषप्रयोग या अन्य अनियमितता की आशंका व्यक्त की जा रही थी, किंतु फोरेंसिक परीक्षण में ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, विसरा नमूनों की विस्तृत रासायनिक जांच में किसी भी प्रकार के टॉक्सिक पदार्थ के अंश नहीं पाए गए।

हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारण का निर्धारण अब मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। जांच अधिकारियों ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा को अस्थमा की पुरानी समस्या थी। 28 जनवरी को ठंड लगने के पश्चात उन्हें श्वास लेने में कठिनाई हुई थी। इस दौरान मेल नर्स देवी सिंह को बुलाया गया, जिन्होंने डेक्सोना तथा डायनापार के इंजेक्शन लगाए। अब चिकित्सकीय विशेषज्ञ यह परीक्षण करेंगे कि इन दवाओं का किसी प्रकार से प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ा या मृत्यु किसी अन्य स्वास्थ्य कारण से हुई। Rajasthan News

घटना 28 जनवरी को बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल गांव में हुई

घटना 28 जनवरी को बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल गांव स्थित आरती नगर आश्रम में हुई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पाल रोड स्थित एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पिता बिरमनाथ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और 29 जनवरी को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। विसरा नमूने 2 फरवरी को एफएसएल भेजे गए थे, जिनकी जांच निर्धारित अवधि में पूर्ण की गई।

पूछताछ में संबंधित कर्मी ने बताया कि इंजेक्शन एक निजी चिकित्सक की पर्ची के आधार पर लगाए गए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन किया गया या नहीं। यद्यपि फोरेंसिक रिपोर्ट में विषाक्तता की संभावना को नकार दिया गया है, फिर भी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की जांच बहुआयामी स्तर पर जारी है। मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय आने के पश्चात ही मृत्यु के वास्तविक कारण पर अंतिम निष्कर्ष सामने आ सकेगा। Rajasthan News

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