Punjab
बीरबल दास इन्सां का मरणोपरांत शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान
भतीजे की धर्मपत्नी और बेटियों ने चाचा की अर्थी को दिया कंधा
टिब्बी (सच कहूँ न्यूज़)। Body Donation: आधुनिक युग के दधीचियों के प्रेरणास्त्रोत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए हर रोज कई नये दधीचि सामने आ रहे हैं। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार अपने जीवनकाल के दौरान मानवता को समर्पित रहते हैं और मरणोपरांत चिकित्सा रिसर्च के लिए शरीरदान कर अमर सेवा का मैडल अपने गले में पहना लेते हैं। शरीर दान की बात करना आम आदमी के लिए सामान्य बात होगी पर जब शरीर दान करने की बारी आती है तो वे दूसरी तरफ देखना शुरू कर देते हैं पर पूज्य गुरु जी का ही कमाल है कि आज लाखों डेरा सच्चा सौदा सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। दधीचियों की इस श्रृंखला में अपना नाम
शामिल करवाया है टिब्बी ब्लॉक के सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार सुभाष इन्सां के चाचा बीरबल दास इन्सां पुत्र इंद्रमल जी सोमवार सुबह को सचखंडवासी हो गए। उनकी अंतिम इच्छा व अपने पूज्य गुरु जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने सोमवार को सचखण्डवासी बीरबल दास इन्सां की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह त्रिशताब्दी विश्वविद्यालय गुरुग्राम को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की। उनको अंतिम विदाई देने के लिए ब्लॉक जिम्मेवारों के अलावा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, परिजन, साध संगत व परिचित टिब्बी के वार्ड 9 स्थित आवास पर एकत्रित हुए तथा विनती का भजन बोलकर विदा किया।
इससे पूर्व पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत नेहा गर्ग और प्रियंका अरोड़ा व भतीजों की धर्मपत्नी रेनू गर्ग व पूनम गर्ग ने सचखण्डवासी बीरबल दास गर्ग की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। सचखण्डवासी बीरबल दास गर्ग के भतीजे सुभाष गर्ग, अमृतगर्ग, पोत्र मोहित गर्ग, शुभम गर्ग व पोत्र वधू इशा गर्ग व स्वाती गर्ग और और दामाद रोहित व प्रिंस अरोड़ा व अन्यों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर मौजूद टिब्बी पुलिस थाना अधिकारी हंसराज लूणा व तहसीलदार हरीश कुमार टाक ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई गई शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है।
क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीरदान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। फूलों से सजी एंबुलेंस में सचखंडवासी बीरबल दास इन्सां के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा उनके निवास से लेकर मुख्य बाजार होती हुई एसबीआई बैंक तक संपन्न हुई जिसमें बड़ी संख्या में डेरा श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक में पूर्व प्रदेश महासचिव भोला सिंह बाजीगर, व्यापार मंडल संस्था अध्यक्ष विजय कुमार नोखवाल , पुलिस सहायता संगठन से सुरजीत खीचड़, रवि जोसन, और अलग-अलग गांवों से साध संगत मौजूद रहे।
हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और 'बीरबल दास इंसा अमर रहे.. अमर रहे..' के नारे गूंज रहे थे। हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। सचखण्डवासी बीरबल दास इन्सां की देहदान के मौके पर ब्लॉक प्रेमी सेवक जसवीर इन्सां, प्रेमी सेवक जगदेव इन्सां, सच्चे नंमर सेवादार अशोक इन्सां, हरीसिंह इन्सां, मेजर सिंह इन्सां, हैप्पी इन्सां,रमेश कुमार, ओम प्रकाश इन्सां, गुमानाराम इन्सां, इंद्रजीत इन्सां, छिन्द्र सिंह, दीपक, राकेश, गुरविंदर, रमेश, गुरप्रीत इन्सां, भूनन, रामादिता मान, अमित, गुरमुख सिंह, सतपाल इन्सां, मनजीत सिंह, भरत इन्सां, नायबसिंह, इन्द्रजीत सिंह, अंग्रेज सिंह, सहित अन्य साध-संगत व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
