Punjab
Bhakra Pipeline: भाखड़ा पाइपलाइन पर बवाल, उग्र ग्रामीणों ने जाम किया हांसी-बरवाला रोड
भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन उखाड़ने का प्रयास, प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हांसी (सच कहूँ/मुकेश)। Hansi News: गांव चैनत में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से गांव को पानी का कनेक्शन देने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को उग्र रूप ले बैठा। धरने के 17वें दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण हथौड़े और लोहे की रॉड लेकर पाइपलाइन स्थल पर पहुंच गए और पाइपलाइन को उखाड़ने का प्रयास किया। जब वे इसमें सफल नहीं हुए तो उन्होंने हांसी-बरवाला मार्ग पर बड़े पाइप रखकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राजेश खोथ, डीएसपी रविंद्र सांगवान, सदर थाना प्रभारी सदानंद सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा, लेकिन अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच बातचीत के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया। करीब ढाई घंटे बाद हांसी-बरवाला मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।
ग्रामीणों ने कनेक्शन की मांग दोहराई
ग्रामीण पिछले 17 दिनों से धरने पर बैठे हैं और उनकी मांग है कि राजली-हांसी पेयजल पाइपलाइन से उनके गांव को भी पेयजल कनेक्शन दिया जाए। उनका कहना है कि जब पाइपलाइन गांव से होकर गुजर रही है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलना चाहिए। दूसरी ओर प्रशासन का तर्क है कि यह परियोजना विशेष रूप से हांसी शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि यदि उनके पास जेसीबी मशीन होती तो सोमवार को ही पाइपलाइन उखाड़ दी जाती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता दशरथ मलिक ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और गांव व शहर के लोगों को आमने-सामने खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।
शहरवासियों ने भी प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
उधर, हांसी शहर में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शहरवासी भी सक्रिय हो गए हैं। गांव चैनत में विरोध के चलते रुके निर्माण कार्य के बीच वार्ड नंबर-4 के पार्षद प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद अजय सैनी के नेतृत्व में नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला सचिवालय पहुंचा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि हांसी शहर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए शुरू की गई भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन परियोजना का कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। नागरिकों ने कहा कि पिछले 17 दिनों से चल रहे विरोध के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे परियोजना के समय पर पूरा होने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
80 करोड़ रुपये की परियोजना पर टिकी निगाहें
अजय सैनी ने कहा कि गांव और शहर दोनों क्षेत्रों को पर्याप्त पानी मिलना चाहिए, लेकिन शहर की महत्वपूर्ण पेयजल परियोजना को बाधित करना उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं से इस संवेदनशील विषय पर राजनीति से दूर रहने की अपील भी की। राजली-हांसी पेयजल पाइपलाइन परियोजना अमृत योजना के तहत लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है।
करीब 30 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन बरवाला के राजली भाखड़ा हेड से हांसी शहर तक बिछाई जा रही है, जिसका उद्देश्य शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करना है। फिलहाल निर्माण कार्य चैनत गांव तक पहुंच चुका है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण आगे का काम प्रभावित हो रहा है। अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली ग्रामीणों की बैठक और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।