शिक्षा और रोजगार
बकाया अनुदान राशि जारी करने व गेहूं खरीद घोटाले की जांच की मांग
829 किसानों को अनुदान नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत निर्मित डिग्गियों की बकाया अनुदान राशि किसानों के खातों में शीघ्र जारी करने तथा गेहूं खरीद में हुई कथित धांधली की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका के नेतृत्व में सोमवार को प्रभारी सचिव, राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपा। Hanumangarh News
जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने प्रभारी सचिव को अवगत करवाया कि वर्ष 2024-25 में फरवरी-मार्च के दौरान अटल भूजल योजना के अंतर्गत डिग्गियों का निर्माण करवाया गया था। इसके लिए किसानों को अपनी खड़ी फसलों को हटाना पड़ा तथा कई किसानों ने ब्याज पर ऋण लेकर निर्माण कार्य पूरा कराया। किसानों को उम्मीद थी कि निर्माण के 15 दिनों के भीतर तीन-तीन लाख रुपए की अनुदान राशि उनके खातों में जमा हो जाएगी, लेकिन आज तक 829 किसानों को एक रुपए का भी भुगतान नहीं मिला है।
अनुदान राशि नहीं मिलने से कई किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं और जमीन बेचने या आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके बावजूद वर्ष 2025-26 में योजना के तहत नई डिग्गियों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई, जबकि पूर्व में निर्मित डिग्गियों का बजट और अनुदान अब तक जारी नहीं किया गया है। किसानों ने कई बार प्रशासन और सरकार को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों को अपने खेतों का काम छोड़कर धरना-प्रदर्शन तक करना पड़ रहा है। Hanumangarh News
प्रशासन ने दो बार किसानों को आश्वासन देकर समय लिया, लेकिन उस पर भी अमल नहीं हुआ। इसके अलावा यूनियन ने हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि कुछ व्यापारियों ने किसानों को गुमराह कर तथा उनके नाम पर दस्तावेज तैयार कर एक ही गिरदावरी और ठेकानामे के आधार पर बार-बार गेहूं खरीद एजेंसियों को बेचकर बोनस योजना का दुरुपयोग किया। इससे वास्तविक किसानों को बोनस का पूरा लाभ नहीं मिल पाया और उन्हें कम दामों पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भारतीय किसान यूनियन ने इस मामले की सीडीसीबी से निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही अटल भूजल योजना की बकाया अनुदान राशि शीघ्र किसानों के खातों में जारी करने का आग्रह किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि 19 अप्रैल को संबंधित विभाग के आयुक्त की ओर से किसानों को अधिकतम डेढ़ माह का समय दिया गया था। यदि इस अवधि के बाद भी किसानों को अनुदान राशि नहीं मिलती है तो जिले में सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। Hanumangarh News