शिक्षा और रोजगार
मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस लेने की मांग, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपए करने और कार्य अवधि 8 घंटे निर्धारित करने की मांग
Collectorate Protest: हनुमानगढ़। न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, कार्य अवधि कम करने तथा श्रम कानूनों में किए गए संशोधनों के तहत लागू चार लेबर कोड वापस लेने की मांग को लेकर सीटू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदेशव्यापी आह्वान पर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मांगों के संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। Hanumangarh News
इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी पूरे देश में सबसे कम है और वर्तमान में 7440 रुपए प्रतिमाह की मजदूरी में श्रमिकों का गुजारा संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की ओर से लागू किए गए नए श्रम कानून कॉरपोरेट घरानों के हित में हैं तथा मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करते हैं।
रामेश्वर वर्मा ने कहा कि नए श्रम कानूनों के तहत कार्य अवधि बढ़ाकर 12 घंटे तक कर दी गई है। पहले यदि कोई मजदूर 12 घंटे कार्य करता था तो उसे ओवरटाइम सहित अधिक मजदूरी मिलती थी, जबकि नए प्रावधानों में उसे केवल 12 घंटे की मजदूरी ही प्राप्त होगी। उन्होंने इसे श्रमिकों के हितों पर सीधा हमला बताया। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली योजनाओं में बदलाव से खेत मजदूरों की आजीविका प्रभावित हो रही है। Hanumangarh News
साथ ही किसानों और श्रमिकों के हितों पर लगातार आघात किए जाने का आरोप भी लगाया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि नए श्रम कानूनों के विरोध में देशभर के कई औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आंदोलनरत हैं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार श्रमिक संगठनों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है तथा यूनियन बनाने की स्वतंत्रता पर भी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि नए लेबर कोड वापस लेकर पुराने श्रम कानूनों को पुन: लागू किया जाए।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 26 हजार रुपए प्रतिमाह की जाए तथा कार्य अवधि 12 घंटे के बजाय 8 घंटे निर्धारित की जाए। रामेश्वर वर्मा ने बताया कि मजदूर, खेत मजदूर और किसान संयुक्त रूप से आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करेंगे। इसी क्रम में 19 जून को जयपुर में तथा उसके बाद दिल्ली में बड़े स्तर पर जुटने और आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान बहादुर सिंह चौहान, आत्मा सिंह सहित कई श्रमिक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। Hanumangarh News