राजस्व न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर, मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

राजस्थान में राजस्व मंडल को मजबूत एवं सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्य सचिव

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अजमेर (सच कहूँ न्यूज़)। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि पिछले सात दशक से राजस्व मंडल राजस्थान की न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजस्व न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सरल एवं लोकोन्मुख बनाने में बेंच और बार दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के शासन मॉडल में राजस्व मंडल का विशेष स्थान है तथा सरकार इसे मजबूत, आधुनिक एवं सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास गुरुवार को राजस्व बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व कानून एवं राजस्व प्रशासन उनके प्रशासनिक सेवा जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में उपखंड स्तरीय अदालतें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राजस्व अदालतों में अदालती कार्यवाही का समय निश्चित एवं अनुमानित हो, निर्णय समय पर लिखे जाएं तथा जिला कलेक्टरों द्वारा प्रभावी निगरानी की जाए। बोर्ड ऑफ रेवेन्यू का उपखंड अधिकारियों एवं सहायक कलेक्टरों के साथ बेहतर समन्वय होना चाहिए। उन्होंने न्यायालयीन कार्यवाही में अनुशासन एवं समय की पाबंदी पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव ने राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि न्याय में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। गरीब एवं कमजोर तबके सहित काश्तकारों के भूमि अधिकारों एवं कब्जे की सुरक्षा सुनिश्चित करना राजस्व न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने राजस्व न्याय व्यवस्था में तकनीक के अधिकाधिक उपयोग की आवश्यकता भी बताई।

मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्व मंडल के नए भवन के संबंध में ₹150 करोड़ के बजट प्रावधान की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के मामले पर शीघ्र निर्णय लेकर बजट घोषणा की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग द्वारा उन्हें अवगत कराया गया है कि यह मामला सक्रिय विचाराधीन है तथा आदर्श आचार संहिता के बाद सरकार द्वारा निर्णय लिया जाएगा।मुख्य सचिव ने भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

राजस्व मंडल में प्रकरणों की समीक्षा

इससे पूर्व मुख्य सचिव ने राजस्व मंडल का दौरा कर मंडल के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने राजस्व प्रकरणों की प्रगति, डबल बेंच एवं सिंगल बेंच में प्रकरणों के निस्तारण, कॉज लिस्ट तथा प्रकरणों की प्राथमिकता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रकरणों की उचित निगरानी, समयबद्ध निस्तारण एवं न्यायिक अनुशासन के निर्देश दिए।

उन्होंने रिपोर्टेबल जजमेंट के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्णय लेखन की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर चर्चा की तथा एसडीओ न्यायालयों में प्रभावी निर्णय लेखन के निर्देश दिए। इस अवसर पर राजस्व मंडल के नए भवन के लिए भूमि आवंटन एवं बजट घोषणा की समयबद्ध पालना पर भी चर्चा हुई।

नए भवन के लिए भूमि आवंटन शीघ्र करने का आग्रह

राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल जाट ने मुख्य सचिव का अभिनंदन करते हुए राजस्व न्याय व्यवस्था में उनके पूर्व कार्यकाल के नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व मंडल राजस्व मामलों में न्याय का महत्वपूर्ण एवं अंतिम मंच है। उन्होंने राजस्व मंडल की वर्तमान भवन व्यवस्था को देखते हुए 30 से 35 बीघा भूमि शीघ्र आवंटित कर नए भवन के निर्माण की कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया। साथ ही राजस्व मंडल में रिक्त पदों को भरने तथा एडवोकेट कोटे के पद दो से बढ़ाकर चार किए जाने की मांग भी रखी।

कार्यक्रम में राजस्व मंडल अध्यक्ष अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व विभाग टी. रविकांत, निबंधक महावीर प्रसाद,  राजस्व मंडल के सदस्य टीकमचन्द बोहरा, केसरलाल मीणा, अजीत सिंह राजावत, डॉ. शिव प्रसाद सिंह, योगेश शर्मा, सानुज कुलश्रेष्ठ, भवानी सिंह पालावत, राजेन्द्र सिंह कविया, मदन लाल नेहरा, गौरव बजाड़ एवं कमला अलारिया , उप निबंधक सुनीता यादव, उप निबंधक मोहनलाल खटनावलिया सहित राजस्व बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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