Hanumangarh News: गर्मी में बिजली संकट से उपभोक्ता परेशान, एफआरटी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

दो-दो दिन तक नहीं सुलझ रहीं बिजली शिकायतें, खटारा गाड़ियां और कम स्टाफ बना परेशानी का कारण

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हनुमानगढ़। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में फॉल्ट रिपेयर टीम (एफआरटी) की ओर से बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं किया जा रहा। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एफआरटी में पुरानी एवं जर्जर गाड़ियां संचालित की जा रही हैं तथा प्रत्येक वाहन पर केवल दो-दो कर्मचारी तैनात हैं। इसके कारण डिस्कॉम के नियमित कर्मचारियों को भी इनके साथ कार्य करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है और विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। Hanumangarh News

भीषण गर्मी के दौरान विद्युत उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों और एफआरटी की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग को लेकर समाजसेवी सुशील बहल ने जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तकनीकी निदेशक, जोधपुर तथा अधीक्षण अभियंता, हनुमानगढ़ को ज्ञापन सौंपा है।

बहल के अनुसार कई एफआरटीवाहनों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सीढ़ियां तक उपलब्ध नहीं हैं। कई बार उपभोक्ताओं पर ही सीढ़ी उपलब्ध करवाने का दबाव बनाया जाता है। सुरक्षा संसाधनों की कमी के कारण पूर्व में हादसे हो चुके हैं तथा भविष्य में भी किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। सुशील बहल ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान में दो से तीन दिन तक का समय लग रहा है। Hanumangarh News

कई मामलों में शिकायत दर्ज होने के बावजूद एफआरटी उपभोक्ता से संपर्क किए बिना ही शिकायत बंद कर देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधीक्षण अभियंता कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम भी प्रभावी भूमिका नहीं निभा रहा है। कंट्रोल रूम में रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सहायक अभियंता की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन उपभोक्ताओं से फीडबैक लेने, शिकायतों की स्थिति बताने और एफआरटी वाहनों की लोकेशन की जानकारी देने जैसी व्यवस्थाएं प्रभावी नहीं हैं।

उपभोक्ताओं को अक्सर एक ही जवाब दिया जाता है कि संबंधित क्षेत्र की बिजली बंद है, जिसके चलते एकल उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता। कई बार मिठाई की दुकानों, दूध डेयरियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली 12 घंटे या उससे अधिक समय तक बाधित रहने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

सुशील बहल ने मांग की कि अस्पतालों, दूध डेयरियों, मिठाई की दुकानों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही एफआरटी में खटारा वाहनों की जगह नए वाहन लगाए जाएं, कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए तथा सभी टीमों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं ताकि उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में राहत मिल सके और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। Hanumangarh News

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