शिक्षा और रोजगार
Sri Ganganagar Village Protest: कचरा प्लांट के विरोध में भारी तादाद में सड़कों पर उतरे ग्रामीण, स्कूल रहे बंद
नरसिंहपुरा में ग्रामीणों का आंदोलन, निकाली रैली, 22 जुलाई को बड़े आंदोलन की चेतावनी
Sri Ganganagar Village Protest: श्रीगंगानगर। श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरसिंहपुरा मांझूवास बारानी में श्री गंगानगर शहर के कचरे के निस्तारण के लिए प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र (कचरा प्लांट) के घोर विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी आंदोलन किया। ग्रामीणों ने रैली निकाली और अपना रोष जताया। इस दौरान क्षेत्र के सभी पांच सरकारी स्कूलों सहित अन्य गैर-सरकारी स्कूल भी पूरी तरह बंद रहे। Sri Ganganagar News
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला के बिल्कुल नजदीक प्रस्तावित इस कचरा प्लांट से पर्यावरण और पशुधन को गंभीर खतरा है। कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित इस रैली में सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली संयंत्र स्थल के पास समाप्त हुई, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।आज संघर्ष समिति की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई।
समिति का स्पष्ट संदेश है कि उनकी एकमात्र मांग है कि नरसिंहपुरा में गौशाला के निकट लगाए जा रहे कचरा संयंत्र का फैसला जिला प्रशासन तुरंत वापस ले। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि किसी भी हालत में इस संयंत्र को गांव में नहीं लगने दिया जाएगा।पैदल मार्च के दौरान करीब 500 ट्रैक्टरों और बड़ी संख्या में अन्य वाहनों का काफिला भी शामिल रहा। गोविंद गौ धाम पहुंचकर ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रशासन की तैयारियां इस भारी भीड़ को देखकर अपर्याप्त साबित हुईं।
गौ रक्षा दल के संयोजक मैसी चौधरी ने बताया कि कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति के सैकड़ों सदस्यों ने पैदल मार्च निकालकर साफ संकेत दे दिया कि वे यह संयंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा-आज का रोष मार्च और स्कूल बंद का आयोजन बेहद सफल रहा। अब संघर्ष समिति आंदोलन के अगले चरण में बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है।श्री चौधरी ने आगे बताया कि 22 जुलाई को आर-पार की लड़ाई की तैयारी चल रही है। यदि प्रशासन समय रहते ग्रामीणों की बात नहीं सुनता तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मैसी चौधरी के अनुसार यह पूरे क्षेत्र की लड़ाई है, जिसमें 50 से 60 आसपास के गांवों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों और गौशाला से जुड़े सरपंचों ने संघर्ष समिति के सदस्यों को लिखित ज्ञापन सौंपे।
समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से अपील की है कि बातचीत के माध्यम से अभी भी समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि उचित सुनवाई नहीं हुई तो 22 जुलाई को निर्णायक आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा उन सभी गांवों का है जिन्हें एलएनपी नहर तथा इसकी वितरिकाओं नहरों से सिंचाई का पानी मिलता है। कचरा प्लांट से पानी के स्रोत दूषित होने का खतरा है, जिससे पूरे क्षेत्र की कृषि और पर्यावरण प्रभावित होगा।