सकारात्मक कंटेंट से समाज बदलने का दिया संदेश, 'क्रिएटर्स ऑफ भारत' में जुटे डिजिटल दुनिया के सितारे

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ तथास्तु की ओर से 'क्रिएटर्स ऑफ भारत-ए मीटअप फॉर कंटेंट क्रिएटर्स एंड इन्फ्लुएंसर्स' का आयोजन

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हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ तथास्तु की ओर से वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के सौजन्य से 'क्रिएटर्स ऑफ भारत-ए मीटअप फॉर कंटेंट क्रिएटर्स एंड इन्फ्लुएंसर्स' का आयोजन किया गया। आयोजन में हनुमानगढ़ सहित बीकानेर संभाग के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान वाग्भट की ओर से 'तथास्तु' की औपचारिक लॉन्चिंग भी की गई। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं तथास्तु की ओर से संचालित वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने कंटेंट क्रिएटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया के हीरो हैं। उन्होंने जिस शिद्दत और प्रभावशाली तरीके से अपनी आवाज को देशभर में पहुंचाया है, वह आने वाले समय के नेतृत्व की क्षमता को दर्शाता है। यदि यह शक्ति सकारात्मक दिशा में कार्य करे तो समाज में बड़े बदलाव संभव हैं।

उन्होंने कहा कि वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है और इस अभियान में कंटेंट क्रिएटर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने भोजन, दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा कि वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के अनुभवी चिकित्सकों से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। इस मौके पर उन्होंने एक विशेष घोषणा करते हुए बताया कि वाग्भट की वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स एवं इन्फ्लुएंसर्स में से जिनके माध्यम से सर्वाधिक फॉलोअर्स जुड़ेंगे, उन्हें आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया समाज को जागरूक करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। यदि कंटेंट क्रिएटर्स अपनी रचनात्मकता का उपयोग सकारात्मक संदेशों, सामाजिक सरोकारों और जनहित के विषयों के लिए करें तो वे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने और अपनी लोकप्रियता का उपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया। वरिष्ठ साहित्यकार रूप सिंह राजपुरी ने कहा कि वे समय से आगे सोचने और कार्य करने वाली युवा शक्ति का स्वागत करते हैं।

उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्य में फूहड़ता या अश्लीलता का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। अधिक फॉलोअर्स पाने की होड़ में कई लोग अनुचित सामग्री प्रस्तुत करते हैं, जबकि समाज में ऐसे अनेक विषय हैं जिन पर सार्थक, प्रेरणादायक और जागरूकता फैलाने वाला कंटेंट तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोग कंटेंट क्रिएटर्स को अपना रोल मॉडल मानते हैं, इसलिए उनका पहनावा, व्यवहार और विचार सादगीपूर्ण एवं प्रेरणादायक होने चाहिए। उन्होंने ऐसा कंटेंट बनाने का आग्रह किया जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर बिना किसी संकोच के देख सके और जिससे समाज को सकारात्मक दिशा मिले।

वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के प्रशासक जयवीर सिंह ने बताया कि इस मीटअप का उद्देश्य क्षेत्र के डिजिटल क्रिएटर्स को एक साझा मंच उपलब्ध कराना, उनके बीच संवाद स्थापित करना तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सकारात्मक कंटेंट निर्माण को बढ़ावा देना है। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा देने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर कंटेंट क्रिएटर्स एवं इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन अनिल जिज्ञासु ने किया।

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