जिला कलक्ट्रेट में डेपुटेशन का खेल! नियमों से ज्यादा सिफारिशों का असर?
वर्षों से जमे कर्मचारियों पर उठे सवाल, ड्यूटी एक कार्यालय में, काम दूसरे में
District Collectorate, Hanumangarh: हनुमानगढ़। जिला कलक्ट्रेट में वर्षों से डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मचारियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि कई कर्मचारी लंबे समय से एक ही कार्यालय में जमे हुए हैं, जबकि उनकी मूल नियुक्ति अन्य विभागों या कार्यालयों में है। इससे डेपुटेशन व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि कुछ मामलों में कर्मचारियों की ड्यूटी एक स्थान पर दर्ज है, लेकिन वे कार्य किसी अन्य कार्यालय में कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह व्यवस्था किसके आदेश और संरक्षण में संचालित हो रही है तथा क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर बने रहने के पीछे सिफारिशों और प्रभाव का बड़ा रोल हो सकता है। यदि ऐसा है तो यह व्यवस्था सरकारी नियमों और स्थानांतरण नीति की भावना के विपरीत मानी जाएगी। सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ उनकी जानकारी में ही हो रहा है।
इन सवालों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। यदि डेपुटेशन नीति का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित किया जाता है तो यह सुशासन के दावों की वास्तविक परीक्षा भी होगी।