Hanumangarh News: युवाओं ने तैयार की 2040 के हनुमानगढ़ की तस्वीर, ट्रैफिक, नशा और सिविक सेंस पर पेश की रिसर्च रिपोर्ट
प्रोजेक्ट अल्फा ट्रांसफॉर्मेटिव थर्सडे की ओर से आयोजित पांच दिवसीय प्रोजेक्ट का समापन
हनुमानगढ़। युवाओं को शोध, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट अल्फा ट्रांसफॉर्मेटिव थर्सडे की ओर से आयोजित पांच दिवसीय प्रोजेक्ट का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने शहर की प्रमुख समस्याओं पर शोध कार्य करते हुए वर्ष 2040 के विकसित और सतत हनुमानगढ़ का विजन प्रस्तुत किया। समापन समारोह में यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। Hanumangarh News
उन्होंने प्रतिभागियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सभी प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रोजेक्ट अल्फा ट्रांसफॉर्मेटिव थर्सडे की संस्थापक डॉ. सुचिता सैन ने बताया कि प्रोजेक्ट अल्फा एक युवा नेतृत्व एवं नवाचार कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं में शोध, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने यातायात, स्वच्छता, नशा मुक्ति और नागरिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर सर्वेक्षण एवं अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट एक जून से शुरू हुआ था, जिसमें पांच दिनों तक युवाओं को शहर की प्रमुख समस्याओं पर रिसर्च आधारित कार्य करना सिखाया गया। विभिन्न गतिविधियों और आयोजनों के दौरान मेंटोर के रूप में डॉ. मोनिका और तरुणा जैन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागियों को तीन टीमों में विभाजित किया गया था। Hanumangarh News
पहली टीम ने यातायात व्यवस्था, दूसरी टीम ने नशे की समस्या और तीसरी टीम ने सिविक सेंस विषय पर अध्ययन एवं शोध कार्य किया। सभी टीमों ने अपनी-अपनी रिसर्च रिपोर्ट तैयार कर शुक्रवार को जिला कलक्टर को प्रेषित की। डॉ. सुचिता सैन ने बताया कि रचनात्मक गतिविधि के तहत बच्चों ने वर्ष 2040 में हनुमानगढ़ कैसा होगा, इस विषय पर तीन काल्पनिक समाचार पत्र भी तैयार किए। इनमें प्रतिभागियों ने भविष्य के शहर को लेकर अपने विचार और विजन प्रस्तुत किए।
पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष ऑक्शन गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों को यह संदेश दिया गया कि भविष्य में सोना, चांदी और तेल की तरह हवा, पानी, जंगल और मिट्टी भी सबसे मूल्यवान संसाधन बन सकते हैं। कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी संवेदनशील सोच की सराहना की गई। Hanumangarh News