कैदी गौ सेवा कर पापों का करेंगे प्रायश्चित

Published On

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदी अब गौ आश्रय स्थलों में गोवंश की देखभाल करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वकांक्षी योजना को अमली जामा पहनाने के लिए जेल अधिकारियों ने कार्य योजना बनानी शुरू कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि योजना को फिलहाल चार जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बाराबंकी जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है. पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने वाले अन्य जिले उरई, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी जेलो को शामिल किया गया है।

उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना से जहां एक ओर गोवंश को संरक्षण मिलेगा और उनकी समुचित देखभाल हो सकेगी,वहीं दूसरी ओर जेल में बंद कैदियों के मन, सोच और विचार में रचनात्मक विकास होगा। जेल से गौ आश्रय स्थलों पर जाकर काम करने के बदले कैदियों को उनके मेहताने ने के रूप में पैसा भी मिलेगा जिसका लाभ यह होगा कि जेल से रिहा होकर घर जाते समय कैदी स्वावलम्बी होंगे।

सूत्रों ने बताया कि कैदियों को रोजाना गौ आश्रय स्थलों तक ले जाने और वहां से वापस लाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा योजना बनाई गई है। काम के लिए खतरनाक और पेशेवर बंदियों को चयनित नहीं किया जाएगा। गौ सेवा के लिए उन कैदियों को शामिल किया जाएगा जो गलती से गुनाह कर बैठे हैं और सजा काट रहे हैं। उन्होने बताया कि कैदियों को गौ आश्रय स्थल पर जेल की गाड़ी से ले जाएगी। दिन भर काम करने के बाद कैदियों को शाम को वापस जेल लाया जाएगा।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts