नारद मुनि के ध्यान से डोल उठा देवराज इंद्र का सिंहासन
भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह तथा भाजपा नेता अनिल चौहान व प्रमोद सैनी ने कैराना में किया रामलीला महोत्सव का शुभारंभ
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: कैराना नगर में रामलीला महोत्सव मंचन का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा एमएलसी चौधरी वीरेंद्र सिंह तथा भाजपा नेता अनिल चौहान व प्रमोद सैनी अट्टा ने द्वीप प्रज्वलित करके किया। श्रीरामलीला के प्रथम दिन दिखाया गया कि नारद मुनि चारों लोकों के चक्कर काट रहे है। रास्ते में हिमगिरी पर्वत पर उनकी इच्छा हुई कि वह इस शांत स्थान पर तपस्या करें। वह ध्यानमग्न होकर समाधि में बैठ गए। यह जानकारी स्वर्ग के राजा इंद्र को हुई तो वह बेहद परेशान हो गए और उनका सिंहासन डोलने लगा। सिंहासन डोलने के बाद वह अपने सेवक कामदेव और रंभा आदि परियों को नारद की तपस्या भंग करने के लिए भेजते हैं। लेकिन कामदेव नारद की तपस्या भंग नहीं कर पाते है।
वह नारद से क्षमा मांगते है। इसी दौरान रंभा आदि परियां भी नारद की तपस्या को भंग नहीं कर पाते हैं, जिससे उत्साहित होकर नारद अपना वृत्तांत बताने के लिए कैलाश पर्वत पर भगवान शंकर के पास जाते हैं। भगवान शंकर नारद की इच्छाशक्ति देख उनके पीछे दूत के तौर पर अपने दोनों गणों को भेज देते हैं। उसके उपरांत नाराज नारद अपने पिता ब्रह्मा और विष्णु भगवान के पास जाकर अपने यश को फैलाते हैं। विष्णु भगवान के आदेश पर शील निधि राजा अपनी पुत्री विश्वमोहिनी के स्वयंवर के लिए मुनादी कराते हैं, जिसमें नारद भी आते हैं। विष्णु भगवान नारद के मुंह और मस्तक पर रंग लगाकर उनका वानर रूप बना देते हैं। इससे पूर्व नारद शीलनिधि की पुत्री विश्वमोहिनी का हाथ देखकर बताते हैं कि वह बहुत ही भाग्यशाली हैं।
स्वयंवर में नारद काफी प्रयास करते हैं, परंतु विश्वमोहिनी चुपचाप विष्णु भगवान को माला डाल देती हैं। इस पर नारद बहुत क्रोधित होते हैं और शंकर भगवान के गणों को श्राप देते हैं कि 'तुम अगली बार राक्षस बनोगे और जो तुमने आज मेरा वानर रूप बनाया है। यही वानर तुम्हारे अंत का कारण बनेंगे। इसके बाद नारद क्रोधित हो कर चले जाते हैं। नारद विष्णु भगवान को भी श्राप देते हैं कि जिस प्रकार मैं पत्नी के वियोग में तड़प रहा हूं अगले जन्म में तुम भी उसी प्रकार तड़पोगे और ये वानर तुम्हारे काम आएगे। सूत्रधार का अभिनय आलोक गर्ग, नारद का पंडित सम्मोहित शर्मा, इंद्र का प्रमोद गोयल, कामदेव का काका सिंघल, शीलनिधि का जतिन प्रजापति, विष्णु भगवान का सतीश प्रजापत, लक्ष्मी का शिवम गोयल, गण का आशु गर्ग व सोनू कश्यप, नंदी का विराट नामदेव ने किया।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह कश्यप, सचिव आलोक गर्ग, कोषाध्यक्ष संजू वर्मा, डाक्टर रामकुमार गुप्ता, अतुल कुमार गर्ग, अतुल मित्तल, दामोदर सैनी, संजीव जैन, अनिल गुप्ता, सुशील कुमार सिंघल, शगुन मित्तल एडवोकेट, सभासद राकेश गर्ग, राकेश सिंघल, अमित सिंघल(काल प्रभारी), राकेश प्रजापत, राजेश नामदेव, सोनू नेता, अभिषेक गोयल, विजय नारायण, सागर गर्ग, रविन्द्र कुमार, अनुज प्रजापत, अनमोल शर्मा, अमन गोयल, विराट नामदेव, पंकज सिंघल, सुशील सिंघल निक्की, रणवीर कश्यप काका, शिवम गोयल, अभिषेक गोयल, अश्विन सिंघल, नरेश सचिन शर्मा, काका अंकित जिंदल, सागर मित्तल, अभिषेक भारद्वाज, तुषार वर्मा, अमित कुमार सैन आदि मौजूद रहे। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से किलागेट चौकी प्रभारी एसआई राजकुमार बघेल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा।