Twice: Increasing Violence Against Journalists

दो टूक: पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा

प्रेस को लोकतंत्र में सदैव चौथे स्तंभ की संज्ञा दी जाती रही है क्योंकि इसकी लोकतंत्र की मजबूती में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है कि स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र के लिए प्रेस की स्वतंत्रता को बहुत अहम माना गया है लेकिन पेरिस स्थित ‘रिपोर्टर्स सैन्स फ्रंटियर्सझ् (आरएसएफ) अथवा ‘रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्सझ् नामक […]
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