Virender Insan

बेजुबानोंं की जान बचाता है यह ‘इन्सान’

आज बेजुबान ही हैं इनके सुख-दु:ख के साथी गोरीवाला (सच कहूँ/अनिल)। ‘जब जानवर कोई, इनसान को मारे, कहते हैं दुनिया में वहशी उसे सारे, एक जानवर की जान आज इनसानों ने ली है, चुप क्यूं है संसार…’ फिल्म हाथी मेरे साथी के इस गीत को आज भी यदि हम इतमिनान से सुनते हैं तो एकबारगी तो […]
हरियाणा