राजस्थान फीडर के बीच फिर आई 100 फुट दरार, दो गांव डूबने की कगार पर

Rajasthan Feeder sachkahoon

ठेकेदार पर लगे खराब मटीरियल लगाने के आरोप

सच कहूँ/सुरेश गर्ग, श्री मुक्तसर साहब। बीती 8 मई को देर शाम सरहन्द फीडर (Rajasthan Feeder) में फिर से करीब 100 फुट से ज्यादा दरार पड़ चुकी है, जिस कारण दोनों नहरों का पानी आपस में मिल कर बहना शुरू हो गया, इस उपरांत सरहन्द फीडर गांव थांदेवाला और खिड़कियाँ वाला की तरफ भी टूटनी शुरू हो चुकी है, गांववासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है और क्योंकि दोनों गांव डूबने की कगार पर हैं, ग्रामीणों ने ने मौके पर पहुँचकर अपने स्तर पर ट्रैक्टरों की मदद से मिट्टी डालकर नहरों को टूटने से बचाया, ग्रामीणों का कहना था कि जहां बड़े स्तर पर नहर का नुक्सान हुआ, वहीं सरकारी मशीनरी भी पानी में बह चुकी है।

लोगों ने पत्रकारों से बातचीत करते बताया कि करीब 39 दिन पहले इसकी (Rajasthan Feeder) मुरम्मत हुई थी, परन्तु फिर से नहर का टूट जाना ठेकेदार, संबंधित आधिकारियों और सरकारों की लापरवाही का सुबूत पेश करता है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने संबंधित ठेकेदारों और कंपनियों पर आरोप लगाए कि नहर बनाते समय बड़े स्तर पर धांधलियां की गई, बुरा मटीरियल इस्तेमाल किया गया, जिस कारण यह नहर करीब 60 दिनों में दूसरी बार टूट चुकी है।

जायजा लेने के लिए पहुँचे विभाग के उच्च अधिकारी

स्थिति का जायजा लेने पहुँचे एसई राजीव गोयल, एक्सईयन सुरजीत सिंह, एक्सईयन अबोहर रमनदीप सिंह, एक्सईयन डिविजन फिरोजपुर अमृतपाल सिंह, एसडीओ गगनदीप सिंह ने पत्रकारों से बातचीत दौरान कहा कि एक नहर भरी थी, जबकि चल रहे विकास कार्यों के चलते खाली थी और भरी नहर के पानी का धक्का लगने के कारण पटड़ी टूट गई, उन्होंने बीते 39 दिन पहले इसी जगह से टूटी नहर के बारे में कहा कि उस समय किसानों की पानी संबंधी कमी को देखते हुए आरजी प्रबंध किये गए थे, जिस कारण यह नहर दोबारा टूट गई, उन्होंने कहा कि नहर टूटने का कारण डी वाटरिंग भी हो सकता है।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में लोगों की तरफ से लगाए गए आरोपों को नकारते कहा कि नहर बनाते समय इस्तेमाल किया जाने वाला मटीरियल उच्च गुणवता का है, जिसकी समय-समय में विभाग के अधिकारियों की तरफ से जांच की जाती है। नहर में बांध लगाने के लिए विभाग द्वारा मिट्टी का प्रबंध किया जा रहा है और समय रहते बांध लगाने उपरांत नहर की मुरम्मत करवा दी जाएगी, उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि स्थिति उनके कंट्रोल में है।

थाना सदर पुलिस के एसएचओ जसवीर सिंह भी पुलिस पार्टी सहित पहुँच चुके थे। उधर संबंधित ठेकेदारों का कहना था कि इस दरार दौरान उनकी करीब 80 मोटरें और बोर का सामान पानी में डूब उठाया, 1 बोर और मोटर की कीमत करीब 35 हजार है। ग्रामीणों ने पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान से मांग की कि नहरों में इस्तेमाल किए गए मटीरियल की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

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