
Working Out Too Long Harmful: अनु सैनी। आज के समय में फिट और हेल्दी दिखना बहुत से लोगों की प्राथमिकता बन चुका है। सोशल मीडिया पर बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन, सिक्स पैक और परफेक्ट फिजीक के वीडियो देखकर खासतौर पर युवा वर्ग घंटों जिम में पसीना बहा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ज्यादा एक्सरसाइज करना वाकई बेहतर सेहत की गारंटी है? विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो इसका जवाब “नहीं” है। एक्सरसाइज हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है, लेकिन उतनी ही जितनी शरीर सहन कर सके। जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। हाल के वर्षों में हार्ट अटैक, थकान, चोट और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी को भी विशेषज्ञ ओवरट्रेनिंग से जोड़कर देख रहे हैं।
घंटों जिम में पसीना बहाना क्यों हो सकता है खतरनाक? Working Out Too Long Harmful
फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार, वर्कआउट का मतलब यह नहीं है कि रोज 2–3 घंटे जिम में बिताए जाएं या क्षमता से अधिक वजन उठाया जाए। जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता और लगातार उस पर दबाव डाला जाता है, तो इसे मेडिकल भाषा में ओवरट्रेनिंग कहा जाता है। ओवरट्रेनिंग की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन मसल्स बनाने की बजाय उन्हें कमजोर करता है और मानसिक तनाव, नींद की कमी, थकान और चिड़चिड़ापन पैदा करता है। ऐसे में एक्सरसाइज से मिलने वाले फायदे धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं।
एक दिन में कितनी एक्सरसाइज है पर्याप्त?
एक दिन में कितनी देर एक्सरसाइज करनी चाहिए, यह व्यक्ति की उम्र, हेल्थ कंडीशन, फिटनेस लेवल और लक्ष्य पर निर्भर करता है। हालांकि, WHO और अन्य हेल्थ गाइडलाइंस के अनुसार, सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को रोज घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं होती।
WHO के मुताबिक, हेल्दी एडल्ट्स के लिए:-
हफ्ते में 150 से 300 मिनट की मीडियम इंटेंसिटी फिजिकल एक्टिविटी या 75 से 150 मिनट की हाई इंटेंसिटी एक्टिविटी पर्याप्त मानी जाती है। इसे अगर रोज के हिसाब से देखें तो लगभग 30 से 60 मिनट की एक्सरसाइज से ही शरीर को जरूरी लाभ मिल सकता है।
उम्र के अनुसार कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
WHO की ऑफिशियल गाइडलाइंस में अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए एक्सरसाइज की स्पष्ट सिफारिश की गई है।
5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चे और किशोर
इस आयु वर्ग के बच्चों को रोजाना कम से कम 60 मिनट की मीडियम से हाई इंटेंसिटी फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए।
इसमें दौड़ना, खेल-कूद, साइकिल चलाना, डांस या ऐसी एक्टिविटीज शामिल हो सकती हैं जो मसल्स और हड्डियों को मजबूत करें। हफ्ते में कम से कम 3 दिन ऐसी एक्टिविटीज जरूर करनी चाहिए जो शरीर की ताकत बढ़ाएं।
18 से 64 वर्ष की आयु के लोग
इस उम्र के वयस्कों को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मीडियम इंटेंसिटी एक्सरसाइज या 75 मिनट की हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। जो लोग अधिक फिटनेस लाभ चाहते हैं, वे मीडियम इंटेंसिटी एक्सरसाइज को बढ़ाकर 300 मिनट प्रति सप्ताह तक कर सकते हैं। इसके साथ ही, मसल्स को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज हफ्ते में कम से कम 2 दिन जरूर करनी चाहिए।
65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग
इस आयु वर्ग के लोगों के लिए भी हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मीडियम इंटेंसिटी फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है। बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए इसे 300 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है। जिन बुजुर्गों की चलने-फिरने की क्षमता कमजोर है, उन्हें बैलेंस सुधारने और गिरने से बचने के लिए हफ्ते में कम से कम 3 दिन विशेष एक्सरसाइज करनी चाहिए। मसल्स मजबूत करने वाली गतिविधियां भी हफ्ते में 2 या उससे अधिक दिन जरूरी मानी जाती हैं।
क्या ज्यादा एक्सरसाइज मतलब बेहतर सेहत?
बहुत से लोग मानते हैं कि जितना ज्यादा वर्कआउट करेंगे, उतनी जल्दी बॉडी बनेगी या वजन घटेगा। लेकिन मेडिकल साइंस इस सोच से सहमत नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्कआउट की क्वालिटी ज्यादा मायने रखती है, न कि उसकी क्वांटिटी। सही तकनीक, सही समय और पर्याप्त आराम के साथ की गई एक्सरसाइज ही शरीर को मजबूत बनाती है। वहीं जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से शरीर टूटने लगता है। फिट रहने के लिए खुद को थकाने की नहीं, बल्कि समझदारी से एक्सरसाइज करने की जरूरत है। रोजाना 30–60 मिनट की सही और प्लान्ड फिजिकल एक्टिविटी लंबे समय तक सेहतमंद रहने के लिए काफी है। शरीर की सुनना और उसे जरूरत के मुताबिक आराम देना भी उतना ही जरूरी है, जितना वर्कआउट करना।














