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चीन का मानवाधिकारों पर कुठाराघात

चीन ने माओ के नेतृत्व में 1949 में कम्युनिस्ट विचारधारा को आत्मसात किया, लेकिन मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता को ताक पर रखकर। साम्यवादी विचारधारा का उद्भव ही पूंजीवादी विचारधारा के विरुद्ध हुआ था, ताकि समाज के शोषित, मजदूरों इत्यादि को समाज में समान पायदान पर रखा जा सके और समानता के मूल्य को स्थापित किया […]
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