Childhood

बचपन

मैं बचपन को बुला रही थी बोल उठी बिटिया मेरी, नंदन-वन सी फल उठी वह छोटी-सी कुटिया मेरी। ‘माँ ओ’ कहकर बुला रही थी मिट्टी खाकर आई थी, कुछ मुँह में, कुछ लिए हाथ में मुझे खिलाने लाई थी। मैंने पूछा-यह क्या लाई? बोल उठी वह-‘माँ काओ’, फूल-फूल मैं उठी खुशी से मैंने कहा-‘तुम्हीं खाओ।’ […]
बच्चों का कोना 

बस्तों का बोझ कम होने से लौटेगा बचपन

स्कूली बच्चों पर बस्तों का बोझ कम करने की चर्चा कई वर्षों से होती आई है लेकिन अब केन्द्र सरकार ने पाठ्यक्रम का बोझ कम करने का फैसला किया है, जो एक सराहनीय कदम है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पहली और दूसरी के छात्रों को होमवर्क न दिया […]
लेख 

अकेला बचपन लापरवाह हुए अभिभावक

तीन महीनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में 100 के करीब जिंदगीयां मौत के मुंह में जा चुकी हैं। विगत दिनों पंजाब में दो युवक सैल्फी लेने की चक्कर में रेलगाड़Þी की चपेट में आकर अपनी जिंदगी गंवा बैठे। इसी तरह हरियाणा के 10-12 वर्ष की आयु के बच्चे यमुना […]
सम्पादकीय 

बचपन पर भारी पड़ते मोबाइल!

आॅनलाइन गेम्स खेलने वाला हर व्यक्ति गेमिंग एडिक्शन का शिकार Infinitely mobile at childhood! प्रमोद भार्गव । विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले दिनों रोगों के अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण (आईसीडी) में डिजिटल और विडियो गेम की लत को एक तरह का डिसआॅर्डर बताते हुए इसे मानसिक बिमारी यानी मनोविकार के रूप में वगीर्कृत किया है Infinitely mobile at […]
लेख 

स्कूली बस्ते के बोझ तले सिसकता बचपन

प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. यशपाल कहा करते थे कि ज्ञान बस्ते के बोझ से नहीं शिक्षा देने के तरीके पर निर्भर करता है। उनकी अध्यक्षता में बनी समिति ने शुरूआती कक्षाओं में बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्त करने की सलाह दी थी, वो मानते थे बच्चे पढ़ें तो खेल की तरह, वे किताबों से […]
लेख 

फिर बचपन सुरक्षित है कहां?

देश की लोकतांत्रिक राजनीति गाहे-बगाहे किसानों, और अन्य लोगों की चर्चा कर लेती है। भले आखिरी में परिणाम वही हो, वहीं ढाक के तीन पात। ऐसे में पहला ज्वलंत सवाल यही है कि क्या राजनीति ने कभी देश के भावी भविष्य को याद करने की भूल की? उत्तर नहीं है किसी के पास। ऐसे में […]
लेख