'रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी छीनना चाहती है सरकार'
ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडर्स व अधिवक्ताओं ने सब-रजिस्ट्रार ऑफिस पर दिया धरना
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं एवं स्टाम्प वेंडर्स ने धरना-प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन-पत्र एसडीएम कैराना को सौंपा है। उन्होंने मांगे पूरी न होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को कैराना के दस्तावेज लेखक व स्टाम्प वेंडर्स ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में कार्य बहिष्कार करते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। जनपद बार एसोसिएशन कैराना के अधिवक्ताओं ने भी धरनारत दस्तावेज लेखकों व स्टाम्प वेंडर्स का समर्थन किया। दोपहर करीब 12 बजे धरनारत दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडर्स व अधिवक्ता सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से तहसील मुख्यालय पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित 17 सूत्रीय ज्ञापन-पत्र एसडीएम कैराना शिवाजी यादव को सौंपा। साथ ही, ज्ञापन-पत्र में उल्लेखित बिंदुओं को स्वीकार करने का अनुरोध किया गया।
उत्तर-प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन रजिस्टर्ड के प्रांतीय संगठन मंत्री बाबू अली ने बताया कि सरकार ई-पंजीकरण व्यवस्था को लागू करके दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडर्स व रजिस्ट्री कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं की रोजी-रोटी छीनना चाहती है। ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से प्रदेशभर में लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और उनके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा होगा। ई-पंजीकरण व्यवस्था से धोखाधड़ी, टैक्स चोरी व भ्रष्टाचार आदि अनैतिक कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और सरकार को भी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि ई-पंजीकरण के विरोध में पिछले पांच-छह दिनों से प्रदेशभर में अलग-अलग जगहों पर धरना-प्रदर्शन चल रहे है। जब तक सरकार उनकी मांगे नही मानती तब तक धरना-प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा।
कैराना में उनका धरना बुधवार को भी जारी रहेगा। मंगलवार को धरना-प्रदर्शन के चलते कैराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पर रजिस्ट्री सम्बन्धी कोई कार्य नही हो सका। इस दौरान दस्तावेज लेखक एसोसिएशन कैराना के अध्यक्ष जतन सिंह, जनपद बार एसोसिएशन कैराना के महासचिव सरवेज जंग, सालिम अली एडवोकेट, सुभाष चौहान एडवोकेट, कफील अहमद, संतरपाल, वीरेन्द्र सिंह, नवाब अली, अरविन्द सैनी, रियासत अली, रंजन गर्ग, ताराचन्द सैनी, जयकरण सिंह, राकेन्द्र कश्यप, मेंबर सिंह, अफजाल अली, सुशील कुमार सिंघल, राजबाला वर्मा, जोनी कुमार, तसलीम अहमद, शिवांशु वर्मा आदि मौजूद रहे।
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