Sach Kahoon 24th Anniversary: पक्षियों के लिए दाना-पानी बाँटकर मनाई सच कहूँ की 24वीं वर्षगांठ
अगर इंसान जीवों के प्रति दया भाव रखे तो एक भी पक्षी बिना दाना-पानी के दम नहीं तोड़ेगा: आलोक द्विवेदी
सरसा/नोएडा (सच कहूँ न्यूज)। Sach Kahoon 24th Anniversary: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से संचालित राष्ट्रीय समाचार पत्र सच कहूँ की 24वीं वर्षगांठ के अवसर पर हरियाणा में शाह सतनाम शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा सरसा स्थित मुख्य कार्यालय और उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित प्रेस कार्यालय सहित विभिन्न स्थानों पर मानवता, करुणा एवं जीव-सेवा को समर्पित कर मनाई गई। इस अवसर पर भीषण गर्मी को देखते हुए बेजुबान पक्षियों के लिए सकोरे एवं दाना वितरित किए गए तथा नियमित रूप से दाना-पानी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया।
विशेष बात यह रही कि यह सेवा अभियान सिर्फ सच कहूँ कार्यालयों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में सच कहूँ परिवार से जुड़े प्रतिनिधियों एवं सेवादारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था कर स्थापना दिवस को सेवा एवं परोपकार के पर्व के रूप में मनाया। इस अवसर पर सच कहूँ के प्रबंध संपादक ने समूह स्टाफ के साथ पूज्य गुरु जी के चरणों में अरदास की कि सच कहूँ इसी प्रकार सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए बुलंदियों को छूता रहे। इस अवसर पर सरसा में आयोजित कार्यक्रम में सच कहूँ पंजाबी के संपादक तिलकराज इन्सां, नोएडा संस्करण के संपादक ऋषिपाल अरोड़ा, विज्ञापन विभाग के इंचार्ज राजीव सपरा, अकाउंट डिपार्टमेंट के हैड विकास शर्मा, प्रसार विभाग के मैनेजर सुरेन्द्र इन्सां और नोएडा में प्रसार प्रभारी अनिल चावला, ब्यूरो चीफ निरंकार सिंह, जगदीश शर्मा, सतेंद्र इन्सां, शिव कुमार, सच्चे नम्र सेवादार, विष्णु गुप्ता इन्सां, गजराज सिंह, सत्यवान इन्सां, विनोद कुमार सहित स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विकास जैन ने कहा कि पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से चलाया जा रहा यह अभियान समाज को मानवीय मूल्यों से जोड़ने वाला प्रयास है। उन्होंने स्वयं भी पक्षियों के लिए नियमित रूप से दाना-पानी की व्यवस्था करने का संकल्प लिया और अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
साध-संगत अपनी छतों पर दाना डालती है, पानी रखती है कि पक्षी आएं चोगा चुग जाएं, पानी पी लें। पता नहीं कब से प्यासे पक्षी आकर पानी पिएंगे, मई-जून के महीने में तो खासकर जब दाना नहीं मिलता सब सूख जाता है, आप दाना-पानी रखते हैं, पता नहीं वो कौन सी दुआएं दे जाएं और पता नहीं कौन सी दुआ कब भगवान जी सुन लें। ये है दान, अगर आपको दान करना है तो इस तरह का किया करो।
-पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां
जीव सेवा को बताया मानव धर्म
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने सच कहूँ द्वारा शुरू की गई इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति हमें प्रत्येक जीव के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता का संदेश देती है। ऐसे में जीव जंतुओं के संरक्षण एवं सहायता के लिए आगे आना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, कार्यालय या प्रतिष्ठान पर पक्षियों के लिए थोड़ा-सा दाना और पानी रखने का संकल्प ले लें तो गर्मी के मौसम में हजारों बेजुबान पक्षियों की जान बचाई जा सकती है।