अंबेडकर का नाम मिटाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं, भाजपा दलित विरोधी मानसिकता का परिचय दे रही है: सतनाम सिंह विर्क
उचाना में 'अंबेडकर लाइब्रेरी' का नाम बदलने पर गरमाई सियासत
पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। Pehowa News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता सरदार सतनाम सिंह विर्क ने जींद के उचाना में 'अंबेडकर लाइब्रेरी' का नाम बदलकर 'अटल लाइब्रेरी' किए जाने के मामले पर भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र के प्रतीक हैं। उनके नाम को किसी सार्वजनिक संस्थान से हटाने का प्रयास करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। सतनाम सिंह विर्क ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार ऐसे फैसले लेकर अपनी दलित विरोधी मानसिकता को उजागर कर रही है।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के नाम पर स्थापित लाइब्रेरी का नाम बदलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय कदम है। यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर चोट करने जैसा है। सरदार सतनाम सिंह विर्क ने कहा कि आज देश का हर वर्ग डॉ. अंबेडकर के विचारों और योगदान का सम्मान करता है। ऐसे में किसी भी संस्थान से उनका नाम हटाने का निर्णय जनता की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महापुरुषों के नाम और विरासत को भी राजनीति का माध्यम बना रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि उचाना में इस फैसले के खिलाफ जिस प्रकार स्थानीय लोगों, बहुजन समाज और सामाजिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है, वह पूरी तरह जायज है। सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए। सरदार सतनाम सिंह विर्क ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, संविधान की गरिमा और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। यदि सरकार ने इस मामले में जनभावनाओं की अनदेखी की तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के सम्मान से खिलवाड़ करने वाली राजनीति को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी और आने वाले समय में भाजपा को इसका जवाब जनता के बीच देना होगा।
