फतेहाबाद में एक साथ दफनाए दादा-दादी व पोते के शव

बिश्नोई परंपरा के अनुसार तीनों शवों को संस्कार

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फतेहाबाद ((सच कहूँ/विनोद कुमार)। Fatehabad News: राजस्थान में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले फतेहाबाद के गांव मताना निवासी ओमप्रकाश सुथार, उनकी पत्नी सोरमा देवी और पोते रोनित का मंगलवार को गांव में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। बिश्नोई परंपरा के अनुसार तीनों शवों को बराबर-बराबर कब्रों में दफनाया गया। अंतिम विदाई के दौरान पूरे गांव का माहौल गमगीन रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मंगलवार सुबह तीनों के शव गांव मताना पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अपने माता-पिता और बेटे के शव देखकर ओमप्रकाश के पुत्र सुरेंद्र बार-बार बेसुध हो गए। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला तथा अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी करवाईं।

गौरतलब है कि 15 जून को राजस्थान में मुकाम धाम से लौटते समय उनकी स्विफ्ट कार की एक डंपर से भीषण टक्कर हो गई थी। हादसा इतना दर्दनाक था कि पुलिस को वाहन की खिड़कियां कटर से काटकर शव बाहर निकालने पड़े। दुर्घटना में ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमा देवी, बेटी प्रमिला, पोते रोनित, दोहती यशवी और खुशी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल दोहती तन्वी ने सोमवार देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

गर्मी की छुट्टियों में ननिहाल आए थे बच्चे

जानकारी के अनुसार स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होने के कारण ओमप्रकाश की दोनों बेटियों के बच्चे ननिहाल में आए हुए थे। परिवार बच्चों को मुकाम धाम के दर्शन कराने के लिए साथ लेकर गया था। ओमप्रकाश अपनी पत्नी सोरमा देवी, पोते रोनित, छोटी बेटी प्रमिला, प्रमिला की बेटी यशवी तथा बड़ी बेटी बाला की बेटियों खुशी और तन्वी को लेकर  यात्रा पर निकले थे। बड़ी बेटी बाला गर्भवती होने के कारण घर पर ही रुक गई थीं।हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

ओमप्रकाश के परिवार में अब केवल पुत्र सुरेंद्र, उनकी पत्नी और एक बेटी ही बची है। वहीं अग्रोहा निवासी दामाद अमित का परिवार भी इस हादसे में पूरी तरह उजड़ गया, क्योंकि उनकी पत्नी प्रमिला और बेटी यशवी की मौत हो गई। दूसरी बेटी बाला की दोनों बेटियां खुशी और तन्वी भी इस हादसे की भेंट चढ़ गईं।

नम आंखों से दी 10 वर्षीय यशवी और 6 वर्षीय खुशी को अंतिम विदाई

भूना। राजस्थान में हुए भीषण सड़क हादसे ने भूना के एक शिक्षक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गर्मी की छुट्टियां बिताने ननिहाल गईं दो मासूम बहनें, 10 वर्षीय यशवी और 6 वर्षीय खुशी, अब कभी अपने घर नहीं लौटेंगी। हादसे में दोनों बच्चियों समेत परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई। मंगलवार को सैकड़ों नम आंखों के बीच दोनों बहनों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

यशवी डीएवी पब्लिक स्कूल, फतेहाबाद में कक्षा पांचवीं तथा खुशी पहली कक्षा की छात्रा थी। दोनों अपनी मां बाला देवी के साथ 5 जून को छुट्टियां मनाने गांव मताना स्थित ननिहाल गई थीं। स्कूल का गृहकार्य पूरा करने के बाद वे उत्साह के साथ नानी के घर पहुंची थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सड़क हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।बच्चियों के पिता संदीप कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोची चौबारा में टीजीटी साइंस शिक्षक हैं। उनका परिवार शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ है। बड़े भाई राजकुमार सुथार और विजय कुमार भी सरकारी स्कूलों में गणित प्रवक्ता हैं।

तीनों भाई संयुक्त परिवार में रहते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मंगलवार को अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। परिजनों की चीख-पुकार और महिलाओं के विलाप से हर आंख नम हो गई। बच्चियों को अंतिम विदाई देने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी   संख्या में ग्रामीण पहुंचे।

 

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Bhuna News: यशवी और खुशी का फाइल फोटो
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Bhuna News: यशवी और खुशी का फाइल फोटो

 

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