Dip

चिंतन: पल्ला झाड़ो, मौज करो

एक समय वह था जब लोग खुद आगे चलकर अपनी रुचि का कोई सा काम हाथ में लेते थे और पूरा करके ही दम लेते थे। समाज के लिए उन दिनों उपयोगी लोगों की संख्या भी खूब थी। हालांकि उन दिनों भी नाकारा, नाकाबिल, धूर्त और चतुर लोगों की संख्या कोई कम नहीं थी। पर […]
लेख