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    चुनाव परिणाम कह रहे हैं साइकिल पर सवार स्कूल की बच्चियां बड़ी हो गयी …

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    Free Cycle चुनाव परिणाम कह रहे हैं साइकिल पर सवार स्कूल की बच्चियां बड़ी हो गयी ...

    पटना (एजेंसी) बिहार विधानसभा चुनाव परिणामो को देख कर राजनीतिक पंडित भले अवाक हों , लेकिन एक बात समझ मे आ रही है कि जिन स्कूल जाने वाली बच्चियों को दो दशक पहले मुुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सायकिल और पोशाक दे कर स्कूल भेजा था वो बड़ी हो कर मतदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री कुमार ने दो दशक पहले बिहार में पोशाक और साइकिल दे कर छोटी बच्चियों को स्कूल भेज दिया था। ये वही बच्चियां थीं, जिनके माता पिता कानून व्यवस्था के नाम पर घर से बाहर निकलने से मना किया करते थे। श्री कुमार ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया और अभिभावकों जो विश्वास दिलाया कि उनकी बच्चियां सुरक्षित हैं और स्कूल जा सकती है। वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने कानून व्यवस्था के नाम पर नीतीश सरकार को सैलूट किया था। उंस समय लोगों को शायद नही मालूम था कि श्री कुमार का महिला सशक्तिकरण में निवेश 15 साल बाद इतना बहुमूल्य हो जाएगा। मुख्यमंत्री कुमार बच्चियों को पढ़ाने की व्यवस्था के बाद उनके रोजगार की व्यवस्था में जुट गए।

    2006 में ही महिलाओं के लिए जीविका समूह बनाये गए, जिनकी सदस्य संख्या आज करोड़ो में पहुंच गई है। कुमार रुके नही और उन्होंने महिलाओँ को पंचायतो और निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की। कुमार के प्रयासों से बिहार में जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी। मुख्यमंत्री श्री कुमार की शराबबंदी का भी मखौल उड़ाया गया लेकिन जिन लोगों ने इस सम्बंध में जमीन पर नहिलाओँ से बात की, उन्हें कहा गया कि भले ही लोग छुप कर पी रहे हों लेकिन आज भी चौक चौराहों पर पियक्कड़ों का आतंक नही दिखता है। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में जब महिलाओं ने मतदान में पुरुषों को कोसों पीछे छोड़ा तो कुछ बड़े राजनीतिक पंडितों जो नीतीश कुमार का महिलाओं में निवेश दिखाई नही दिया। कई राजनीतिक पंडित इस मुगालते में रहे कि जब वोटिंग का प्रतिशत बढ़ता है तब सत्ता परिवर्तित होती है। सच्चाई तो यह है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के निवेश पर महिलाओं ने डिविडेंड अदा कर दिया है। एनडीए की प्रचंड जीत में महिलाओं के बढ़े हुए मत प्रतिशत का बहुत बड़ा योगदान है।