किसानों को मिलेगी केसीसी की लिमिट दोगुनी होने की सौगात?

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केसीसी की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास है विचाराधीन

किसान संगठनों की इसी मांग पर गौर फरमाते हुए हरको बैंक ने ऋण राशि को दोगुना करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वर्ष 2009 से किसानों की कर्ज की लिमिट नहीं बढ़ाई गई

  •  11.5 लाख किसानों को दिया गया है साढे 11 करोड़ का ऋण

सच कहूँ, देवीलाल बारना
कुरुक्षेत्र। प्रदेश की मनोहर सरकार हरको बैंक के माध्यम से किसानों के ऋण की लिमिट दोगुनी करने के मूड में है। तकरीबन 12 साल बाद किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट दोगुनी हो सकती है। सरकार लिमिट बढ़ाने के प्रारूप को अंतिम रूप देने की कवायद में जुटी हुई है। हालांकि किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की योजना को किसान आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन इससे किसानों को फायदा जरूर मिलने वाला है। हरको बैंक ने इस बार 80 करोड़ का मुनाफा कमाया है। अलबत्ता बैंक ने मुनाफे में आने के बाद किसानों को दिए जाने वाले ऋण की राशि को दोगुना करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा है।

मुख्यमंत्री की स्वीकृति की मुहर लगते ही किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। भारतीय किसान यूनियन व तमाम किसान संगठन किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों की इसी मांग पर गौर फरमाते हुए हरको बैंक ने ऋण राशि को दोगुना करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वर्ष 2009 से किसानों की कर्ज की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। ऋण की राशि दोगुना करने और नए मेंबर बनाने को लेकर पूरा खाका तैयार कर लिया है।

साढे 11 लाख में से साढे तीन लाख किसान का ऋण है बकाया

हरको बैंक की ओर से प्रदेश भर में लगभग साढ़े 11 लाख किसानों को साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। इसमें से तकरीबन 3.50 लाख किसान ऐसे हैं, जो एनपीए हैं यानि ऋण राशि को चुकता नहीं कर रहे हैं। जबकि 8 लाख से ज्यादा किसानों के खाते नियमित रूप से चल रहे हैं। बैंक किसानों द्वारा ऋण चुकता न करने के अलग-अलग कारण मान रहा है। कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें ऋण लेने वाले की आकस्मिक मृत्यु हो गई है और अन्य बीमारी इत्यादि से मौत हुई है। इसके साथ ही कोरोना काल में भी बड़ी संख्या में मृत्यु हुई है। इस स्थिति के चलते बैंक को रिकवरी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण देता है बैंक

हरको बैंक की ओर से किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जाता है, इसका लाभ तभी मिलता है जब किसान ऋण राशि को निर्धारित समय पर चुकता करता है। वैसे बैंक की ओर से 7 फीसद ब्याज लिया जाता है। इसमें से तीन फीसद की छूट केंद्र सरकार देती है और चार प्रतिशत की भरपाई राज्य सरकार करती है।

सेटलमेंट स्कीम की तैयारी में बैंक

हरको बैंक के तकरीबन साढ़े तीन लाख खाताधारक एनपीए हैं। एनपीए खाताधारकों को लेकर बैंक नई योजनाएं लाता है। अभी हाल ही में वन सेटलमेंट स्कीम आई थी, अब दोबारा फिर तैयारी है ताकि एक बार में किसान एकमुश्त राशि देकर अपने खाता को नियमित करें।

हरको बैंक चेयरमैन अरविंद यादव ने कहा कि नई योजनाओं की शुरूआत की जा रही है। बैंक की ओर जीरो ब्याज दर पर दिए जाने वाली ऋण राशि को दोगुना करने पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से हरी झंडी मिलते ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं वन टाइम सेटलमेंट स्कीम भी तैयार की जा रही है ताकि किसान एक मुश्त राशि में अपना ऋण चुकता कर सकें और अन्य जरूरतमंद किसानों को भी ऋण संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके।

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