लघुकथा : दो पेड़

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एक पेड़ ने अपने मित्र पेड़ ...
Big-thinking

लघुकथा : बड़ी सोच

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एक बार एक आदमी ने देखा कि...
Story womb loan

कहानी कोख का कर्ज

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जगेश बाबू का कभी अपना जलव...

रोटी या पाप

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उगते सूरज की किरणें अभी स...

पशुओं से प्यार

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रतन को वह पिल्ला बहुत प्यारा लगने लगा। जब भी उसे समय मिलता, वह पिल्ले के साथ खेलता रहता। एक दिन रतन काम पर गया तो पिल्ला भी उसके साथ चला गया।
Seven fools

Seven fools : सात मूर्ख

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किसान बीमार था फिर भी पुत्रों का मन रखने के लिए वह लड़खड़ाते हुए उठा और खीर बनाकर बेटों को दे दी। सातों के सात बेटे खीर खाने को बेताब थे। एक ने खीर चखी तो उसमें शक्कर नहीं थी। बड़े भाई ने छोटे से कहा, ‘दुकान पर जाओ और एक आने की शक्कर ले आओ, तब तक खीर ठंडी भी हो जाएगी। जल्दी जाओ।’

बच्चों ने समझाई, होली खेलने की खुशी

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चाचा करोड़ीमल हमारे मोहल्ल...

ज़िंदगी से मौत बोली ख़ाक़ हस्ती एक दिन

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ज़िंदगी से मौत बोली ख़ाक़ हस...

Own land : अपनी धरती

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यह धरती है अपनी भैया इस ...

Love animals: पशुओं से प्यार

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जंगल के पास एक गांव में र...

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संगरूर के तीन गांवों में विकास कार्यों की शुरुआत

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आप सरकार संगरूर को आदर्श ...