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सऊदी अरब की मासूम को मिला नया जीवन

लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. गिरिराज बोरा के मुताबिक छह किलो से कम वजन के बच्चों में ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया बेहद जटिल होती है। इस सर्जरी के लिए बच्ची की माँ द्वारा डोनेट किया गया बायां लेटरल लोब भी बच्चे की तुलना में काफी बड़े आकार का था। दूसरी बड़ी चुनौती नए लिवर में रक्त प्रवाहित करना बच्ची के शरीर में पोर्टल वेन (लिवर में रक्त संचार के लिए मुख्य नस) नहीं थी।
हरियाणा 

कोर्ट में बच्ची ने कहा, मम्मी घर चलो, साथ ही रहेंगे

बच्ची की कस्टडी को लेकर हुई सुनवाई भोपाल (एजेंसी)। कुटुम्ब न्यायालय, दोपहर के 1.45 बजे हैं। 7 साल की मासूम, उसके माता-पिता और पक्षकारों से भरा कोर्ट रूम। डायस पर जज भावना साधौ। मामला था, बच्ची की कस्टडी का। अदालत को तय करना था कि वो मां के पास रहेगी या पिता के पास। दरअसल, अब […]
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