Fake Desi Ghee: बाजार में बिक रहा नकली देसी घी! दिल्ली में 948 लीटर जब्त, कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी घी? घर पर ऐसे करें पहचान

जानिए असली और नकली घी की पहचान कैसे करें, खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें और मिलावट की शिकायत कहां करें।

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Fake Desi Ghee: त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में मिठाइयों, दूध, पनीर और देसी घी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। मुनाफे के लालच में लोगों को असली के नाम पर नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाते हैं। अब दिल्ली में नकली देसी घी का बड़ा मामला सामने आया है, जिसने खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 948 लीटर नकली देसी घी जब्त किया है। बताया जा रहा है कि नामी कंपनियों के रैपर और पैकेजिंग का इस्तेमाल करके इस घी को बाजार में बेचने की तैयारी थी। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि वे जिस घी को शुद्ध समझकर खरीद रहे हैं, वह वास्तव में असली है या मिलावटी।

अगर आप भी बाजार से पैक्ड या खुला देसी घी खरीदते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

1. हथेली पर रखकर देखें घी की बनावट

देसी घी की पहचान के लिए अक्सर हथेली वाला घरेलू तरीका बताया जाता है। इसके लिए हथेली पर थोड़ा सा घी रखकर देखें कि शरीर की गर्मी से वह कितनी जल्दी पिघलता है।

हालांकि, ध्यान रखें कि घी के पिघलने का समय उसके तापमान, संरचना और उसमें मौजूद फैट पर निर्भर करता है। केवल हथेली पर जल्दी या देर से पिघलने के आधार पर घी को शुद्ध या नकली घोषित नहीं किया जा सकता।

2. गर्म बर्तन में घी डालकर देखें

घी को हल्का गर्म करने पर उसकी खुशबू और बनावट का अंदाजा लगाया जा सकता है। शुद्ध घी गर्म होने पर पिघलता है और उसमें से विशिष्ट सुगंध आती है।

लेकिन सिर्फ रंग बदलने या खुशबू के आधार पर उसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती। अलग-अलग प्रकार के घी की खुशबू और रंग में प्राकृतिक अंतर हो सकता है। इसलिए इस तरीके को केवल शुरुआती जांच समझें, अंतिम प्रमाण नहीं।

3. आयोडीन टेस्ट से पकड़ें स्टार्च की मिलावट

अगर घी में आलू या अन्य स्टार्च युक्त पदार्थ मिलाया गया है तो आयोडीन टेस्ट से इसकी मौजूदगी का संकेत मिल सकता है।

इसके लिए खाद्य पदार्थों में स्टार्च की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाला आयोडीन घोल प्रयोगशाला की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस्तेमाल किया जाता है। स्टार्च मौजूद होने पर नीला-काला रंग बन सकता है।

हालांकि, यह टेस्ट घी में हर तरह की मिलावट का पता नहीं लगाता। साथ ही, केवल इस जांच के आधार पर घी की पूरी शुद्धता का दावा नहीं किया जा सकता।

4. नमक, चीनी और एसिड वाला टेस्ट घर पर न करें

सोशल मीडिया और इंटरनेट पर घी में नमक, चीनी या हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाकर शुद्धता जांचने के कई तरीके बताए जाते हैं। इनमें रंग बदलने को मिलावट का संकेत बताया जाता है।

लेकिन हाइड्रोक्लोरिक एसिड एक संक्षारक रसायन है, जो त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इस तरह के प्रयोग घर पर बिल्कुल न करें। घी की जांच के लिए रसायनों का इस्तेमाल केवल प्रशिक्षित विशेषज्ञों और उचित प्रयोगशाला में ही किया जाना चाहिए।

असली देसी घी खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

मिलावटी घी से बचने के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है। खरीदारी के समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • विश्वसनीय दुकान से खरीदें: हमेशा प्रतिष्ठित और भरोसेमंद दुकानदार से ही घी खरीदें।
  • FSSAI लाइसेंस देखें: पैकेट पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लाइसेंस नंबर जरूर जांचें।
  • लेबल ध्यान से पढ़ें: सामग्री, निर्माण की तारीख, एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर डेट और निर्माता की जानकारी देखें।
  • बिल जरूर लें: घी खरीदने के बाद बिल या रसीद अपने पास रखें, ताकि शिकायत की स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जा सके।
  • असामान्य रूप से सस्ता घी खरीदने से बचें: बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर मिलने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें।

मिलावट का शक हो तो कहां करें शिकायत?

अगर आपको लगता है कि बाजार में बेचा जा रहा देसी घी मिलावटी है तो इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग में की जा सकती है। भारत में FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल या ऐप के माध्यम से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

ध्यान रखें कि घी में वनस्पति तेल, स्टार्च या अन्य पदार्थों की मिलावट की सही पहचान के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच कराना सबसे भरोसेमंद तरीका है।

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