Sarvepalli Radhakrishnan

मेरा जन्मदिन मेरे लिए गौरवपूर्ण सौभाग्य है

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आखिर हर साल 5 सितंबर को श...

लेकर कहां कुछ वापिस जाना ये शरीर भी दान है….

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सराहनीय। जमुना देवी इन्सा...
Guru and disciple

गुरु और शिष्य

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ब्राउनिंग ने कहा, ‘विचार कर्म की आत्मा है।’ विचार की पवित्रता से ही विश्व का निर्माण हुआ है, जैसा कि सृष्टि से पूर्व ईश्वर ने सोचा था कि ‘मैं एक से अनेक हो जाऊँ और फिर उसने प्रकृति की रचना की
Society crisis

समाज का संकट

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महर्षि बोले, ' जिस तरह जीर्ण-शीर्ण शरीर को एक वैद्य बचा सकता है उसी तरह विचारक और शिक्षाशास्त्री जीर्ण-शीर्ण मस्तिष्क को बचा सकते हैं। आज समाज को ऐसे ही लोगों की आवश्यकता है।

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