Angry disciple of buddha

बुद्ध का क्रोधी शिष्य

0
कई शिष्य एक साथ कह उठे- हमारे धर्म में तो जांतपात का कोई भेद नहीं, फिर वह अस्पृश्य कैसे हो गया? तब बुद्घ ने स्पष्ट किया- आज यह क्रोधित होकर आया है। क्रोध से जीवन की एकता भंग होती है।
mastana

सावण शाही मौज की बख्शिश: बागड़ तारने का आदेश

0
पूजनीय बेपरवाह शाह मस्तान...

ताजा खबर

Sirsa Crime News

ड्रग्स तस्करी के आरोप में दो गिरफ्तार

0
गोलूवाला में हेरोइन सहित ...