मेडिकल रिसर्च के काम आएगी जगदीश चंद्र इन्सां की पार्थिव देह

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सैल्यूट। परिजनों ने प्रसाद मेडिकल इंस्टीट्यूट लखनऊ को पार्थिव शरीर किया दान

सच कहूँ, श्याम सुन्दर सरदाना
हिसार। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी न सिर्फ जीते जी बल्कि इस जहां से जाने के बाद भी इन्सानियत के काम आते हैं। इसी क्रम में जिले के गांव सीसवाल निवासी जगदीश चंद्र पुत्र मंगतराम का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया। 48 वर्षीय जगदीश चंद्र इन्सां कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। जिसके चलते वे अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में जा विराजे।

सचखंडवासी के परिजनों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए उनका पार्थिव शरीर प्रसाद मेडिकल इंस्टीट्यूट लखनऊ को दान किया। बता दें कि जगदीश चंद्र ने जीते जी शरीरदान का फार्म भरा हुआ था, उनकी अंतिम इच्छानुसार ही उनके परिजनों ने मेडिकल रिसर्च के लिये शरीरदान किया। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान फूलों से सजी एंंबुलेंस में उन्हें विदा किया गया। इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार व साध-संगत व रिश्तेदार मौजूद रहे।

बहनों ने दिया ‘अर्थी को कंधा’

जगदीश चन्द्र इन्सां की अर्थी को कंधा देती हुई बहनें

अंतिम यात्रा के दौरान जगदीश इन्सां की अर्थी को बहन सिलोचना व विमला देवी, पुत्र वकील व विनोद इन्सां तथा भाई बलवंत इन्सां ने कंधा दिया। अंतिम यात्रा में शामिल साध-संगत के अलावा अन्य गणमान्य नागरिकों ने देह को नम आंखों से विदाई दी।

डेरा सच्चा सौदा से मिली प्रेरणा

इस दौरान 45 कमेट मैंबर बिजेंद्र इन्सां, अनिल इन्सां, केशराज इन्सां, बलजीत इन्सां, विजय इन्सां, ब्लाक भंगीदास बलवंत इन्सां, राजकुमार इन्सां ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु जी ने सिखाया है कि इन्सानियत के काम आने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहिए, बल्कि जितना हो सके समाज भलाई में आगे रहना चाहिए। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा ने जगदीश चन्द्र जैसे महादानी तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि अपने शरीर का दान करने जैसा कोई दान नहीं।

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