Bokaro Missing Woman Case: बोकारो से लापता युवती के मामले में मिले नरकंकाल की डीएनए जांच शुरू
झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश से शुरू हुई जाँच
Bokaro Missing Woman Case: रांची। झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बोकारो जिले के पिंडराजोरा क्षेत्र से लापता युवती के प्रकरण में मिले नरकंकाल की डीएनए जांच की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से न्यायालय को अवगत कराया गया कि बरामद कंकाल तथा युवती के माता-पिता के डीएनए नमूनों को परीक्षण हेतु कोलकाता स्थित केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है। Bokaro News
अदालत को यह भी बताया गया कि हड्डियों की स्थिति और संरचना जटिल होने के कारण अंतिम जांच प्रतिवेदन तैयार होने में लगभग पंद्रह दिन का समय और लग सकता है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तिथि निर्धारित की है। ज्ञात हो कि बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता बताई जा रही है। युवती की माता रेखा देवी ने पुत्री की खोज के लिए उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।
जांच के क्रम में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिनेश कुमार महतो नामक युवक को हिरासत में लिया था। आरोपी ने कथित रूप से विवाह के लिए दबाव बनाने के कारण युवती की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक कंकाल बरामद किया था। हालांकि, युवती के परिजनों ने प्रारंभ से ही पुलिस के दावे पर संदेह व्यक्त किया है। परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विंसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता ने न्यायालय में कहा कि बरामद कंकाल उनकी पुत्री का नहीं हो सकता।
उनका कहना है कि कंकाल अत्यधिक पुराना प्रतीत होता है तथा सार्वजनिक स्थान से मिलने के कारण उसकी पहचान संदिग्ध बनी हुई है। इसी विवाद के समाधान के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। इससे पूर्व 15 अप्रैल को हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने जांच की धीमी गति और डीएनए परीक्षण में हो रही देरी पर राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन को कड़ी नाराजगी जताई थी। न्यायालय ने डीजीपी, एफएसएल निदेशक, बोकारो पुलिस अधीक्षक तथा एसआईटी टीम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश भी दिया था। Bokaro News