Ear Wax: कान की गंदगी आसानी से करें साफ, अपनाएं ये सुरक्षित तरीके, गलती से भी न करें ये काम
कान का मैल निकालने के सुरक्षित तरीके
Ear Wax: कान हमारे शरीर का बेहद नाजुक अंग है, इसलिए इसकी साफ-सफाई करते समय खास सावधानी बरतना जरूरी है। कान के अंदर जमा होने वाले मैल को ईयरवैक्स या सेरुमेन कहा जाता है। आमतौर पर यह गंदगी नहीं, बल्कि कान की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा होता है। यह कान के अंदर धूल, गंदगी और कुछ बैक्टीरिया को पहुंचने से रोकने में मदद करता है।
हालांकि, कई बार ईयरवैक्स जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है। इससे कान में भारीपन, खुजली या सुनाई देने में परेशानी जैसी दिक्कत हो सकती है। ऐसे में कान की सफाई जरूरी हो सकती है, लेकिन इसे गलत तरीके से करने पर कान को नुकसान भी पहुंच सकता है।
कान का मैल निकालने के सुरक्षित तरीके
1. ईयरवैक्स सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल
अगर कान में मैल जमा हो गया है, तो उसे नरम करने के लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से ईयरवैक्स सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये ड्रॉप्स जमा मैल को नरम करने में मदद करते हैं, जिससे वह प्राकृतिक रूप से बाहर निकल सकता है।
कान में किसी भी तरह का तेल या घरेलू पदार्थ डालने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कान का पर्दा ठीक है और कान में संक्रमण या चोट नहीं है।
2. हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल सावधानी से
कुछ ईयर ड्रॉप्स में हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे पदार्थ इस्तेमाल किए जाते हैं, जो ईयरवैक्स को नरम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन इसे घर पर मनमाने तरीके से मिलाकर कान में डालना सही नहीं है।
खासकर अगर कान में दर्द, पानी या पस आना, कान का पर्दा फटा होना, कान की सर्जरी का इतिहास या संक्रमण की समस्या है, तो हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।
3. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से करवाएं सफाई
अगर मैल बहुत ज्यादा जमा है और सुनने में परेशानी हो रही है, तो घर पर उसे निकालने की कोशिश करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ईयरवॉश, माइक्रोसक्शन या अन्य मेडिकल प्रक्रिया से कान की सफाई कर सकते हैं।
कान में कॉटन बड या नुकीली चीज न डालें
कान की सफाई के लिए अक्सर लोग कॉटन बड, पिन, माचिस की तीली या अन्य नुकीली चीजों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। इससे ईयरवैक्स और अंदर जा सकता है और कान के पर्दे या कान की नली में चोट लग सकती है।
दरअसल, ज्यादातर मामलों में कान खुद ही धीरे-धीरे ईयरवैक्स को बाहर निकालता रहता है। इसलिए बार-बार कान के अंदर तक सफाई करने की जरूरत नहीं होती।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर कान में लगातार दर्द, सूजन, सुनाई कम देना, चक्कर आना, कान से पानी या पस निकलना जैसी समस्या हो रही है, तो घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाएं।
इसी तरह अगर कान में बार-बार बहुत ज्यादा मैल जमा होता है या कान बंद महसूस होता है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
जरूरी बात
ईयरवैक्स कान के लिए पूरी तरह बेकार गंदगी नहीं है, बल्कि यह कान की सुरक्षा में मदद करता है। इसलिए बिना जरूरत कान को बार-बार साफ करने से बचें। कान के अंदर कोई भी वस्तु डालने से बचना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।