खंडहर से नंबर वन तक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुरिया ने रचा बदलाव का इतिहास

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खारियां सच कहूँ/सुनील कुमार। कभी बदहाली की तस्वीर पेश करने वाला राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुरिया आज बदलाव की मिसाल बन गया है। मौलिक मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह बराड़ की एक वर्ष की मेहनत और ग्राम पंचायत के सामूहिक प्रयासों से विद्यालय ने मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत माध्यमिक वर्ग में रानियां खंड में प्रथम स्थान हासिल किया है। खंड स्तर पर अव्वल आने पर विद्यालय स्टाफ, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। डीडीओ बलविंदर सिंह बराड़ ने इस उपलब्धि का श्रेय सरपंच जोगिंदर सिंह, अध्यापिका पोनिका, सुमन, वेदिका, एसएमसी कमेटी के सदस्यों, विद्यालय स्टाफ और समस्त ग्रामीणों को देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। विद्यालय के प्रथम आने पर जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी, रानियां खंड शिक्षा अधिकारी अमनपाल गोदारा तथा मुख्याध्यापक बंसी लाल झोरड़ सहित अन्य शिक्षक वर्ग ने बलविंदर बराड़ और समस्त स्टाफ को बधाई दी।

खंडहर जैसी हालत से हुई थी शुरूआत

डीडीओ बलविंदर सिंह बराड़ की नियुक्ति से पूर्व विद्यालय की स्थिति बेहद दयनीय थी। खेल मैदान में कंटीली झाड़ियां उगी हुई थीं, भवन बिना रंगाई-पुताई के जर्जर हालत में था। पेड़-पौधे पानी के अभाव में सूख रहे थे। मुख्य रास्ता उबड़-खाबड़ था और प्रवेश द्वार सहित पूरी बिल्डिंग बदहाली का शिकार थी। इन हालात के कारण विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही थी और ग्रामीणों का रुझान निजी स्कूलों की ओर बढ़ता जा रहा था। विद्यालय की स्थिति को देखते हुए बलविंदर बराड़ ने तत्कालीन मुख्याध्यापिका बिमला देवी, विद्यालय स्टाफ, सरपंच जोगिंदर सिंह, ग्राम पंचायत सदस्यों और एसएमसी कमेटी के साथ विशेष बैठक कर स्कूल सौंदर्यीकरण की योजना बनाई और स्वयं इसकी कमान संभाली।

 मेहनत ने बदली स्कूल की तस्वीर

कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद पूरे विद्यालय परिसर की रंगाई-पुताई और मरम्मत करवाई गई। खेल मैदान को समतल कर हरी घास लगाई गई, कूड़ा-करकट हटाया गया और सौंदर्यीकरण के तहत 350 से अधिक पौधे लगाए गए। इसके अलावा बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था, मुख्य द्वार का निर्माण, कमरों के दरवाजे-खिड़कियां, ब्लैक बोर्ड तथा दीवारों पर शिक्षाप्रद स्लोगन, नक्शे, राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान और महान व्यक्तियों के चित्र लगवाकर विद्यालय को आदर्श शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया गया।

50 हजार का मिलेगा प्रोत्साहन

सरपंच जोगिंदर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना में यह उपलब्धि विद्यालय के पंजाबी अध्यापक एवं मौलिक मुख्याध्यापक बलविंदर सिंह बराड़ की मेहनत, दूरदर्शी सोच और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। योजना के तहत विद्यालयों का चयन उनकी भौतिक संरचना, स्वच्छता, हरियाली, शैक्षणिक वातावरण और नवाचारों के आधार पर किया जाता है। खंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय को सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी, जिससे विद्यालय की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।

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