Shehbaz Sharif UNGA 2026: यूएन में भारत को धमकी देकर घिरे शहबाज, भारत ने दिया ये जवाब
UNGA में शहबाज शरीफ ने उठाया कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा
Shehbaz Sharif UNGA 2026: न्यूयॉर्क (सच कहूँ/एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन के दौरान कश्मीर, सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने सिंधु नदी के पानी को पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने भारत द्वारा पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को गंभीर परिणामों वाला कदम बताया।
शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का भी जिक्र किया और पाकिस्तान के पारंपरिक रुख को दोहराया। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनका देश कश्मीरियों के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा। भारत लंबे समय से पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करता रहा है और जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताता है।
भारत ने Right to Reply में उठाए कई मुद्दे
शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र में Right to Reply का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के बयानों का जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े रिकॉर्ड, कश्मीर में उसके दावों और 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव से जुड़े उसके दावों पर सवाल उठाए। भारत की ओर से यह भी कहा गया कि पाकिस्तान को अपने विकास और आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए, न कि दूसरे देशों के क्षेत्रीय दावे करने या सीमा पार आतंकवाद से जुड़े मुद्दों में उलझना चाहिए।
भारतीय पक्ष ने 2025 के सैन्य टकराव को लेकर पाकिस्तान की ओर से किए गए जीत के दावों को भी चुनौती दी। भारतीय प्रतिनिधि पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि उपलब्ध तस्वीरों और साक्ष्यों को इस संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भी भारत की ओर से सवाल उठाए गए। इसी संदर्भ में फॉर्म-47 का मुद्दा सामने आया, जो पाकिस्तान के 2024 आम चुनाव के बाद चुनावी नतीजों को लेकर उठे विवादों से जुड़ा है। विपक्षी दलों और उम्मीदवारों ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में शुरुआती परिणामों और बाद में घोषित परिणामों के बीच अंतर के आरोप लगाए थे। इसी वजह से फॉर्म-47 पाकिस्तान की चुनावी राजनीति में विवाद का विषय बना रहा है।
UN मुख्यालय के बाहर भी शहबाज से हुए सीधे सवाल
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान शहबाज शरीफ को सिर्फ कूटनीतिक सवालों का ही सामना नहीं करना पड़ा। UN मुख्यालय में प्रवेश करते समय पत्रकारों ने उनसे पाकिस्तान में आतंकवादियों को कथित तौर पर पनाह देने को लेकर सवाल किया। रिपोर्टों के मुताबिक, शरीफ ने सवाल का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए। बाद में UN मुख्यालय से निकलते समय पत्रकारों ने उनसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमे को लेकर भी सवाल किया। रिपोर्टों के अनुसार, इस सवाल पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। हाफिज सईद को भारत 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े प्रमुख आरोपियों में गिनता है। वह संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में भी शामिल है। हालिया भारतीय जांच के संदर्भ में NIA ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में भी उसका नाम आरोपी के रूप में रखा है।
शहबाज शरीफ की UN यात्रा के दौरान कश्मीर और सिंधु जल संधि जैसे पुराने भारत-पाकिस्तान विवादों के साथ आतंकवाद और 2025 के सैन्य टकराव से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे। एक तरफ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने UNGA के मंच से पाकिस्तान का पक्ष रखा, वहीं भारत ने Right to Reply के जरिए उनके दावों का जवाब दिया। इसी दौरान पत्रकारों के सवालों में आतंकवाद और हाफिज सईद का मुद्दा भी सामने आया। इस तरह UNGA के इस सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे कश्मीर, पानी और आतंकवाद से जुड़े मतभेद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दिए।